
खबर अभी अबभी
कुल्लू ,
एनएच 305 की खराब प्लानिंग के कारण जिभी घाटी में पर्यटन व्यवसाय की कमर टूट गई है। पर्यटक लंबे ट्रैफिक जाम और व्यवस्थित कार्य योजना की कमी के कारण घंटों जाम में फंसे रह रहे हैं और इससे तंग आकर उन्होंने जिभी और तीर्थन घाटी से किनारा कर लिया है।
देखने में आ रहा है कि आजकल टूरिस्ट शिमला से कल्पा-सांगला होते हुए सीधा लाहौल-स्पीति की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे जिभी घाटी में पर्यटन व्यवसायियों को बहुत अधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मई और जून के पीक टूरिस्ट सीजन में भी होटल और कॉटेज खाली पड़े हुए हैं जिसके कारण होटल, टैक्सी और अन्य व्यवसायियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है ।
स्थानीय पर्यटन से जुड़े कारबारियों का साफ तौर पर कहना है कि यही टाइरिंग का काम यदि विभाग मार्च और अप्रैल महीने में करता तो सभी का पीक टूरिस्ट सीजन बहुत अच्छा जाता ।
ब्यूरो रिपोर्ट कुल्लू…





