डैहर से सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत, बच्चों को बताए सुरक्षा और अधिकारों के उपाय

27 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | मंडी

जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय की ओर से सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत डैहर से की गई। इसके तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डैहर और गोल्ड विन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों व शिक्षकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर ने बताया कि सुरक्षित बचपन अभियान देशभर में वर्षभर चलाया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर और स्कूल सहित हर जगह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है।

बाल शोषण और ऑनलाइन खतरों से बचाव की जानकारी

एन.आर. ठाकुर ने विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण, बाल मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति, बाल विवाह, मानव तस्करी और नशे जैसे खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम-2012 और बाल अधिकारों के प्रावधानों को भी समझाया।

उन्होंने बच्चों को अनजान लोगों से दोस्ती करने, उनके उपहार या मिलने के प्रस्ताव स्वीकार करने और इंटरनेट पर निजी जानकारी साझा करने से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छूता है, ऑनलाइन डराता-धमकाता है या अश्लील तस्वीरें मांगता अथवा दिखाता है, तो बच्चों को तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

बच्चों को आपात सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 की जानकारी भी दी गई।

अच्छे और बुरे स्पर्श के प्रति जागरूकता पर जोर

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में स्पष्ट रूप से समझाना जरूरी है, ताकि वे किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ बेझिझक आवाज उठा सकें। उन्होंने मोबाइल पर अनजान लोगों से चैट और वीडियो कॉल करने से बचने तथा अपना नाम, स्कूल का पता, फोटो और लोकेशन जैसी निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी।

इस दौरान अभियान से संबंधित जागरूकता सामग्री भी विद्यार्थियों को वितरित की गई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डैहर के प्रधानाचार्य मेहरचंद ठाकुर और गोल्ड विन इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य पवना सोनी ने भी विद्यार्थियों के साथ बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

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