
1 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

शिमला। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ नशा तस्करी से अर्जित कथित अवैध धन और संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच (Financial Investigation) के माध्यम से आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
इसी कार्रवाई के तहत तीन एनडीपीएस मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं।
बालूगंज थाने के मामले में करीब 23 लाख की संपत्ति सीज
एफआईआर नंबर 27/2026, पुलिस थाना बालूगंज के तहत 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के समीप आरोपी अविनाश चौहान के कब्जे से करीब 7 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की आगामी जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान की गई वित्तीय जांच में पुलिस के अनुसार सामने आया कि आरोपी विशाल यादव और उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव ने हेरोइन/चिट्टा के कथित अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां खरीदी थीं। जांच में पाया गया कि अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर Mahindra & Mahindra Scorpio-N खरीदी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा विशाल यादव के बैंक खाते में 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन सामने आया। पुलिस के अनुसार जांच में उसकी कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध शेष राशि, जिनका कुल अनुमानित मूल्य करीब 23 लाख रुपये है, को एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया है।
रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की संपत्तियां सीज
एफआईआर नंबर 52/2025, पुलिस थाना रामपुर के तहत 13 मई 2025 को रामपुर के कुडीधार क्षेत्र में किराये के कमरे में चिट्टा/हेरोइन की कथित खरीद-फरोख्त की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की थी। तलाशी के दौरान 31 ग्राम चिट्टा/हेरोइन और 50,400 रुपये नकद बरामद किए गए थे। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान आरोपियों के बैंकिंग लेन-देन, वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार वित्तीय जांच में करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की ऐसी संपत्तियों की पहचान हुई, जिनका कोई वैध आय स्रोत सामने नहीं आया और जो प्रथम दृष्टया नशे के कथित अवैध कारोबार से जुड़ी पाई गईं। इनमें एक गाड़ी, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल हैं। इन संपत्तियों को नियमानुसार सीज किया गया है।
वहीं, एफआईआर नंबर 64/2025, पुलिस थाना रामपुर के तहत 25 जून 2025 को नोगली बाजार, रामपुर स्थित बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास पुलिस ने मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
मामले की वित्तीय जांच के दौरान आरोपी के बैंक और डाकघर खातों के साथ अन्य वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार जांच में करीब 8 लाख रुपये की धनराशि प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार सीज किया गया है।
2026 में अब तक 12.5 करोड़ से अधिक की संपत्तियां सीज
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के माध्यम से 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 और 2024 के दौरान एनडीपीएस मामलों में इस प्रकार की वित्तीय जांच नहीं की गई थी और न ही इन दोनों वर्षों में इस श्रेणी की कोई अवैध संपत्ति सीज की गई थी।
पुलिस का कहना है कि वित्तीय जांच के माध्यम से नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और कथित अवैध कमाई के स्रोतों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।





