पीआईबी शिमला के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने काबी टिंगदा बीएसी का किया दौरा

16 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | काबी टिंगदा, सिक्किम

काबी टिंगदा। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) शिमला के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम की आधिकारिक अध्ययन एवं अनुभव यात्रा के तहत काबी टिंगदा ब्लॉक प्रशासनिक केंद्र (बीएसी) का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों तथा सिक्किम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी हासिल की।

बीएसी पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ), काबी तथा टिंगमो वार्ड पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। अतिथियों को पारंपरिक खादा भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत कार्यक्रम में डिविजनल इंजीनियर काबी, सहायक निदेशक (पीआरआई), सहायक अभियंता (रोड्स), सहायक वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

औपचारिक संवाद के दौरान डिविजनल इंजीनियर, काबी टिंगदा बीएसी सोनम पिंटसो ने वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों और उनकी वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को सिक्किम के इतिहास और विकास की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।

बीडीओ काबी टिंगदा ने मीडिया प्रतिनिधियों को सिक्किम सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं, ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों और जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव को लेकर भी जानकारी साझा की।

हिमाचली टोपी और मफलर भेंट कर जताई मैत्री

कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला। सद्भावना और आपसी मैत्री के प्रतीक के रूप में पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक ने बीडीओ काबी को पारंपरिक हिमाचली टोपी और मफलर भेंट किया।

ऐतिहासिक काबी लुंगचोक का किया भ्रमण

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद और विकास योजनाओं की जानकारी लेने के बाद 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक काबी लुंगचोक का भी भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां सिक्किम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना।

काबी लुंगचोक को लेपचा और भूटिया समुदायों के बीच 13वीं शताब्दी में हुए ऐतिहासिक रक्त-बंधुत्व समझौते से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल के रूप में जाना जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने स्थल के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी हासिल की और सिक्किम की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं तथा विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझा।

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