
खबर अभी-अभी | 21 अगस्त, 2026 |शिमला।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय में करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद बाहर आए सुधीर शर्मा ने सरकार और विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें बुलाकर विपक्ष की आवाज दबाने और विधानसभा के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुधीर शर्मा आज भाजपा विधायकों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे। इससे पहले वह 18 अगस्त को इसी मामले में धर्मशाला में विजिलेंस के समक्ष पेश हो चुके हैं।
पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने कहा कि वह कानून का सम्मान करने वाले व्यक्ति हैं और जांच के दौरान पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और मामले से जुड़े तथ्य समय आने पर प्रदेश की जनता के सामने आ जाएंगे।
भाजपा विधायक ने कहा कि विधानसभा सत्र चलने के दौरान किसी विधायक को इस तरह पूछताछ के लिए बुलाया जाना उनके अनुसार पहली बार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार का रवैया विपक्ष की आवाज दबाने वाला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि हिमाचल को लूटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सुधीर शर्मा ने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि ऐसे पदों पर रहने वाले सभी लोग लूट-खसोट करते हैं, तो आने वाले समय में पूरी तस्वीर प्रदेश की जनता के सामने आ जाएगी।
सुधीर शर्मा ने उन्हें शिमला स्थित विजिलेंस कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले के जांच अधिकारी धर्मशाला में हैं और संबंधित दस्तावेज भी वहीं मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें शिमला बुलाए जाने का कारण उनकी समझ से परे है। उन्होंने जांच की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहला समन 12 अगस्त की तारीख में मिला, जबकि 11 अगस्त का समन पहले ही मीडिया तक पहुंच गया था। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा को सूचना दिए जाने के समय पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह 18 अगस्त को विजिलेंस के समक्ष पेश हो चुके थे, जबकि विधानसभा को बाद में सूचित किया गया।
इससे पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा पूछताछ के लिए तलब किए जाने को लेकर भाजपा ने भी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाए हैं।





