
25 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला।

जिला स्तरीय कंसल्टेटिव समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को बचत भवन में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, ऋण वितरण, प्राथमिकता क्षेत्र को दिए जा रहे ऋण तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) की स्थिति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सुविधाओं और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने बैंकों के प्रतिनिधियों को सकारात्मक दिशा में कार्य करते हुए आमजन को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से प्रभावी जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने और पात्र लाभार्थियों तक ऋण एवं अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
जन धन योजना के तहत 1.95 लाख खाते
बैठक में बताया गया कि जिले में 30 जून 2026 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 1,95,161 खाते हैं। इनमें 21,924 खाते जीरो बैलेंस वाले हैं, जबकि अन्य खातों में कुल 129.87 करोड़ रुपये जमा हैं। योजना के तहत 1,31,634 रुपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें से 75,245 कार्ड सक्रिय हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 1,75,203 पंजीकरण, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 4,14,511 पंजीकरण तथा अटल पेंशन योजना के तहत 90,825 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। जिले में 63 स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और उन्हें 131 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई गई है।
बैंक अग्रिम में 0.54 प्रतिशत की वृद्धि
मार्च से जून 2026 की समीक्षा अवधि में जिले में कुल जमा राशि 44,893.88 करोड़ रुपये से घटकर 44,103.64 करोड़ रुपये रह गई, जो 1.76 प्रतिशत की कमी है। वहीं बैंक अग्रिम 21,518.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,633.83 करोड़ रुपये हो गए, जो 0.54 प्रतिशत की वृद्धि है।
क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 47.93 प्रतिशत से बढ़कर 48.98 प्रतिशत हुआ। प्राथमिकता क्षेत्र के तहत बैंक अग्रिम 12,669.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,234.02 करोड़ रुपये हो गए। कृषि क्षेत्र में अग्रिम 5.30 प्रतिशत बढ़कर 4,478.49 करोड़ रुपये तथा MSME क्षेत्र में 10.93 प्रतिशत बढ़कर 3,510.07 करोड़ रुपये हो गए।
शिक्षा ऋण 75.47 करोड़ रुपये से बढ़कर 77.82 करोड़ रुपये, जबकि आवास ऋण 1,321.70 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,403.40 करोड़ रुपये हुआ।
क्रॉप लोन के 31,684 मामलों में 463.35 करोड़ रुपये वितरित
बैठक में बताया गया कि क्रॉप लोन के तहत 31,684 मामलों में 463.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। PMFME योजना के तहत 15 खातों में 117 लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 6,021 खातों में 138.74 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया।
कृषि और MSME क्षेत्र के NPA की भी समीक्षा
बैठक में 30 जून 2026 तक बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की स्थिति की समीक्षा की गई। जिले में बैंकों के कुल अग्रिम लगभग 21,600.83 करोड़ रुपये रहे।
कृषि क्षेत्र में 10,403 खाते NPA श्रेणी में हैं, जिनमें 345.43 करोड़ रुपये की NPA राशि दर्ज की गई है। वहीं MSME क्षेत्र में 5,233 खाते NPA श्रेणी में हैं, जिनमें कुल 304.83 करोड़ रुपये की NPA राशि दर्ज की गई है।
बैंकिंग क्षेत्र के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कुल अग्रिम 10,128.38 करोड़ रुपये, निजी क्षेत्र के बैंकों के 2,628.73 करोड़ रुपये, सहकारी बैंकों के 8,408.81 करोड़ रुपये तथा हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के 434.91 करोड़ रुपये रहे।
उपायुक्त ने बैंक प्रतिनिधियों से बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने के साथ सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





