
14 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

भाजपा के हिमाचल प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने और आरोप लगाने का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण देना भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस से चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने और चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय अपनी संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करने को कहा।
श्रीकांत शर्मा ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का विश्वास जीतने के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति में सुधार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करने के लिए ठोस तथ्य सामने नहीं रखते।
2019 के चुनाव का किया उल्लेख
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ का नारा देकर अभियान चलाया था, लेकिन चुनाव परिणामों में जनता ने अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी उसी तरह की राजनीतिक रणनीति अपना रही है और अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करने से बच रही है।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को बार-बार राहुल गांधी की राजनीतिक री-लॉन्चिंग करने के बजाय संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
मतदाता सूची पर प्रमाण देने की चुनौती
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि यदि राहुल गांधी या कांग्रेस के पास किसी तरह की अनियमितता के प्रमाण हैं, तो उन्हें संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज करवाने के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने दावा किया कि सत्यापन के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित व्यक्तियों के नाम या पते की पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्धारित प्रक्रिया और उचित अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
जनादेश का सम्मान करे कांग्रेस
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसका तथ्यात्मक समाधान और कानूनी उपायों के माध्यम से निवारण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय अपनी नीतियों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की समीक्षा करने का आग्रह किया। शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता करते हैं और प्रत्येक राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के पक्ष में है।





