रैंप कार्यक्रम के तहत उद्योग विभाग द्वारा उद्यमिता प्रशिक्षण, ई-कॉमर्स रणनीतियों, माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज – क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम और जैम पोर्टल पर एमएसएमई एवं स्वयं सहायता समूहों को किया जागरूक।

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जगतसुख, कुल्लू
उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राइजिंग एंड एक्स्लरेटिंग एमएसएमई परफोर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम के अंतर्गत आज जगतसुख स्थित पंचायत भवन में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
​इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र की ओर से आर्थिक अन्वेषक श्री अनुज कुमार द्वारा की गई। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में पारंपरिक तरीकों से निकलकर आधुनिक व्यावसायिक तौर-तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। आज के समय में उद्यमिता प्रशिक्षण और डिजिटल बाजार (ई-कॉमर्स) की समझ ही किसी भी छोटे व्यवसाय को बड़े मुकाम तक पहुँचा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला और बताया कि कैसे युवा और महिलाएं सरकारी वित्तीय सहायता, बैंक ऋण और भारी सब्सिडी का लाभ उठाकर अपनी नई विनिर्माण या सेवा इकाई स्थापित कर सकते हैं।
​कार्यशाला के प्रथम विस्तृत सत्र का संचालन मुख्य प्रशिक्षक डॉ. सरला शाशनी द्वारा किया गया। अपने सत्र में उन्होंने उद्यमियों और महिलाओं को नए जमाने में प्रभावी उद्यमिता कौशल और ई-कॉमर्स रणनीतियों के महत्व से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया कि किस प्रकार ऑनलाइन स्टोर स्थापित करके, डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाकर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योग अपने व्यापार का दायरा बढ़ा सकते हैं।
​द्वितीय सत्र में श्री ईशांत डोगरा ने प्रतिभागियों को जैम पोर्टल के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि जैम पोर्टल एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों तथा स्टार्टअप्स के लिए एक क्रांतिकारी मंच के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से स्थानीय महिला उद्यमियों को सत्यापित सरकारी खरीदारों तक सीधी पहुंच, भौगोलिक सीमाओं से परे देशव्यापी व्यापक बाजार तथा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी ऑर्डर प्राप्त करने के सीधे अवसर मिलते हैं।
​तृतीय सत्र पूर्व जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक श्री राजेंद्र सिंह ने माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज – क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम योजना पर लिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को समूह या क्लस्टर बनाकर सामूहिक रूप से व्यापार करने के फायदों से अवगत कराया ताकि वे सरकार द्वारा सामान्य सुविधा केंद्र और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी जाने वाली सहायता का उपयोग कर अपने बिजनेस को बड़े पैमाने पर ले जा सकें।
​इस एक दिवसीय कार्यशाला में कुल 85 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित सभी उद्यमियों एवं महिला प्रतिभागियों ने इस सत्र को बेहद लाभकारी व उपयोगी बताया और कहा कि यहाँ मिली तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यधिक फायदेमंद साबित होगी

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