
खबर अभी अभी
शिमला।
जिला शिमला के जुन्गा क्षेत्र के थुंड गांव में वर्ष 2022 में अपनी मां की तलवार से हत्या करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-द्वितीय यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने दोषी रामेश्वर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने रामेश्वर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना) के तहत दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 26 जुलाई 2022 की रात करीब 11:30 बजे आरोपी ने अपने घर में पारिवारिक तलवार से अपनी मां बिमला देवी पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, चेहरे, गर्दन और हाथों पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान जब बड़े भाई प्रकाश चंद अपनी मां को बचाने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी तलवार से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोप पत्र अदालत में पेश किया।
सुनवाई के दौरान मृतका के बेटे सुनील कुमार, घायल प्रकाश चंद और बहनोई हितेंद्र शर्मा ने अदालत में गवाही देते हुए बताया कि उन्होंने आरोपी को तलवार से हमला करते हुए देखा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से लगी कई गंभीर चोटों की पुष्टि हुई, जबकि प्रकाश चंद की मेडिकल रिपोर्ट में भी तलवार जैसी चोटें दर्ज की गईं।
जांच के दौरान घटनास्थल से बरामद बटन आरोपी की शर्ट से मेल खाए। तलवार और घटनास्थल से मिले खून के नमूनों का डीएनए भी आरोपी से मैच हुआ। राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) की रिपोर्ट ने वैज्ञानिक रूप से घटनास्थल पर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि की।
बचाव पक्ष ने संपत्ति विवाद का हवाला देते हुए आरोपी को झूठा फंसाए जाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि परिवार के सदस्यों की गवाही स्वाभाविक और विश्वसनीय है तथा अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया है।
सजा सुनाने से पहले अदालत ने जेल अधीक्षक और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी से आरोपी के आचरण तथा अन्य संबंधित पहलुओं पर रिपोर्ट भी तलब की थी। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने रामेश्वर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला उप न्यायवादी सुनील शर्मा ने पैरवी की।





