सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करे प्रशासन, पिछली बार की लापरवाही दोहराई गई तो बागवानों को होगा भारी नुकसान : अतुल शर्मा एचपीएमसी का लंबित भुगतान जारी हो, सड़क, ट्रैफिक और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन : अतुल शर्मा

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शिमला, 3 जुलाई।
चौपाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-15 गोरली मडावग से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने आगामी सेब सीजन को लेकर क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है और हजारों किसान-बागवान पूरे वर्ष की आय के लिए इसी फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां नहीं की गईं तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अतुल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में एचपीएमसी के गोदामों, बगीचों और सड़कों पर हजारों टन सेब फंस गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी बरसात शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन आरंभ होने जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त तैयारियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि करगोली नाला–देहा मुख्य मार्ग, देहा–चौपाल सड़क, सरांह–जोड़ना–पुलबाहल–नेरीपुल मार्ग तथा बमटा–मडावग–खिड़की सड़क सहित अनेक महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों की हालत अत्यंत खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और झुके हुए पेड़ दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। यदि सेब सीजन से पहले इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी मुख्य एवं वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। भारी वर्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनों की अलग से व्यवस्था की जाए तथा पुलिस विभाग द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना लागू की जाए, ताकि सेब समय पर मंडियों तक पहुंच सके।
अतुल शर्मा ने पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष फंड जारी करने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का पिछला लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों को किसानों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को प्रशासनिक तैयारियों की पूरी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार और प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाते हैं तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को होगा। इसलिए प्रशासन को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस अवसर पर कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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