
24 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला।

भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने हमीरपुर सदर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच उठ रहे सवालों का जवाब राजनीतिक एवं तथ्यात्मक तरीके से देने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है। कपूर ने इसे कांग्रेस सरकार की ‘एफआईआर की राजनीति’ करार दिया।
हमीरपुर सदर थाना में विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में गांधी चौक पर भाजपा के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि आशीष शर्मा ने सार्वजनिक मंच से जमीन की खरीद-फरोख्त, हमीरपुर बस अड्डे और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद सहित कई विषयों पर सरकार से सवाल पूछे थे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन आरोपों को गलत मानती है तो उसे दस्तावेजों और तथ्यों के साथ जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए। आशीष शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान जमीन से जुड़े आरोप भी लगाए थे।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में किसी विधायक द्वारा सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं हो सकता। आरोपों का जवाब एफआईआर नहीं, तथ्यों से दिया जाना चाहिए।” कपूर ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से उठाए गए सवाल समाप्त नहीं हो जाते।
सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा पर भी एफआईआर का हवाला
कपूर ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। अगस्त 2026 में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के खिलाफ भी अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस के अनुसार ये मामले शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए और जांच की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि इन मामलों को लेकर भाजपा नेताओं ने राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाए थे। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में शिकायतकर्ताओं द्वारा अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और संबंधित मामलों में जांच जारी है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि भाजपा कानून की प्रक्रिया का सम्मान करती है, लेकिन निष्पक्ष जांच और पुलिस-प्रशासन की स्वतंत्र कार्यप्रणाली भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं तो सरकार को तथ्यों और दस्तावेजों के माध्यम से अपना पक्ष जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और सार्वजनिक मंच से जांच की मांग करना अब एफआईआर का आधार बनेगा।
कपूर ने कहा कि भाजपा सरकार से जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक जवाब मांगती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी।





