हिमाचल में IAS, IPS और IFS कैडर में कटौती, HRTC बेड़े में जुड़ेंगी 1,000 नई बसें; CM सुक्खू बोले- ‘अफसरों की नहीं, धरातल पर काम की जरूरत’

17 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को छोटा करने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी के लिए 25 इलेक्ट्रिक बसों को ऑनलाइन हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 1,000 नई बसें शामिल करने, कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी करने और IAS, IPS तथा IFS कैडर में कटौती की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को केवल अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि योजनाओं और विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने वाले प्रशासन की जरूरत है। सरकार का दावा है कि प्रशासनिक पदों में कटौती और खर्चों को नियंत्रित करने से बचने वाली राशि को जनसेवा एवं विकास कार्यों में लगाया जाएगा।

HRTC के बेड़े में 1,000 नई बसें

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए HRTC के बेड़े में 1,000 नई बसें शामिल करने की फाइल को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 300 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि आने वाले समय में 200 हाइड्रोजन बसें भी बेड़े में शामिल करने की योजना है।

सरकार के अनुसार प्रस्तावित हाइड्रोजन बसें एक बार चार्ज होने के बाद करीब 300 से 380 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेंगी। नई बसों के रखरखाव के लिए 12 वर्ष की अवधि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसों के रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कंपनियों पर पेनल्टी लगाने का भी प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर माइलेज और परिवहन सेवाओं के संचालन में सुधार के साथ HRTC को अगले पांच वर्षों में लाभ की स्थिति में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

ई-बस खरीदने वाले युवाओं को सब्सिडी

सरकार ने युवाओं को परिवहन क्षेत्र से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक और डीजल बसों की खरीद पर सब्सिडी का भी प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार ई-बस खरीदने वाले युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पांच साल तक 80 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता का प्रावधान किया गया है।

डीजल बसों के मामले में 30 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पांच साल तक 50 हजार रुपये प्रतिमाह देने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा छात्रों के लिए 5 रुपये प्रतिदिन में कॉलेज बस पास और महिलाओं को बस किराये में 50 प्रतिशत छूट जारी रखने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

कर्मचारियों के एरियर पर सरकार ने दी जानकारी

कर्मचारियों के लंबित एरियर और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के सवालों और विरोध का सम्मान है, लेकिन सरकार वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के हितों में लगातार फैसले ले रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पे-एरियर जारी किया जा चुका है। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए 35 प्रतिशत, जबकि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए 15 प्रतिशत एरियर देने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर राज्य पर करीब 10,000 करोड़ रुपये की देनदारी छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) में कमी और अन्य वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन और वेतन रोकने का रास्ता नहीं अपनाया है।

IAS, IPS और IFS कैडर में कटौती का ऐलान

प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के IAS, IPS और IFS कैडर में कटौती की जानकारी दी। सरकार के अनुसार राज्य में IAS के स्वीकृत 153 पदों को घटाकर 130 पद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में इसे 100 से 110 पदों के बीच लाने पर भी विचार किया जा रहा है।

इसी तरह IFS के स्वीकृत पदों की संख्या 118 से घटाकर 83 करने की जानकारी दी गई है। IPS कैडर के मौजूदा 96 पदों में भी कटौती की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक अधिकारियों की फाइलों को भी जल्द मंजूरी देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सरकार का अनुमान है कि प्रशासनिक पदों और अनावश्यक खर्चों में कमी से सालाना करीब 200 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

सरकार का कहना है कि बचाए गए संसाधनों का इस्तेमाल प्रदेश में विकास कार्यों और आम जनता से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।

प्रियंका गांधी के मंडी दौरे को लेकर CM ने दी सफाई

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के हिमाचल दौरे को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का मंडी दौरा किसी राजनीतिक रैली या कार्यक्रम के लिए नहीं है।

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रियंका गांधी आपदा के दौरान किए गए वादे के तहत निर्मित एक स्कूल का उद्घाटन करने और विद्यार्थियों से संवाद करने मंडी आएंगी। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की राजनीतिक जनसभाएं सितंबर में प्रस्तावित हैं और इनकी शुरुआत सोलन से होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित करने के साथ परिवहन, रोजगार, शिक्षा और जनसुविधाओं को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार को सीमित संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना होगा।

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