2027 में हिमाचल में भाजपा की सरकार बनेगी, कांग्रेस की विदाई तय : हिमंत बिस्वा सरमा

1 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी और कांग्रेस की विदाई तय है।

सरमा ने कहा कि शिमला में पदयात्रा के दौरान उमड़ा जनसमर्थन प्रदेश में राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया।

ईवीएम पर कांग्रेस के रुख को लेकर उठाए सवाल

हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि जिस ईवीएम के माध्यम से हिमाचल में चुनाव जीतकर वह सत्ता में आई, उसी मतदान प्रणाली के खिलाफ अब विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार का ठीकरा निर्वाचन प्रक्रिया पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों को शुद्ध और पारदर्शी बनाना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया

सरमा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक इतिहास से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने दंगों में मारे गए सिख समुदाय के लोगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की।

असम में 1.07 लाख नौकरियां देने का दावा, हिमाचल सरकार से मांगा जवाब

रोजगार के मुद्दे पर असम और हिमाचल सरकार की तुलना करते हुए सरमा ने कहा कि असम में भाजपा सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, जबकि उनके अनुसार अब तक 1.07 लाख युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन युवाओं को इसका लाभ कहां मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने चुनावी वादों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर भी उन्होंने सुक्खू सरकार को घेरा। सरमा ने दावा किया कि असम में करीब सात लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,250 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के साथ विश्वासघात किया है।

राम मंदिर और सरदार पटेल का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन में सरमा ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर उनके ऐतिहासिक महत्व को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और संविधान की बात करने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और कार्यप्रणाली का आत्ममंथन करना चाहिए।

गुरुद्वारा साहिब से चौड़ा मैदान तक निकली पदयात्रा

भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा शिमला के पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब पार्किंग से शुरू हुई। पदयात्रा विक्ट्री टनल और विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंची, जहां विशाल जनसभा आयोजित की गई।

इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सभा के अंत में सरमा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार की गारंटियों और विकास कार्यों का हिसाब मांगने तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

Share the news