केलांग : लाहुल घाटी के तुपचिलिंग मठ में संपन्न हुआ घाटी का प्रथम ऐतिहासिक धर्म सम्मेलन

केलांग (लाहौल-स्पीति):
लाहौल घाटी के प्रसिद्ध तुपचिलिंग मठ में प्रथम धर्म सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन 28 अप्रैल,मंगलवार को किया गया। इस ऐतिहासिक समागम में जहाँ एक ओर धार्मिक अनुष्ठानों से विश्व शांति की कामना की गई, वहीं दूसरी ओर समाज को संगठित रहने और पर्यावरण को बचाने का आह्वान भी किया गया।मुख्य अतिथि लामा पलजोर (प्रमुख, कारदंग मठ) ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हम सभी को संगठित रहने की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने धर्म की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने पर जोर दिया। विशेष रूप से, लामा पलजोर ने लाहौल-स्पीति के बदलते पर्यावरण पर चिंता व्यक्त की और पूरी घाटी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में सभी श्रद्धालुओं से आगे आने का आह्वान किया।मुख्य वक्ता रूपेश जी (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपने संबोधन में धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने धर्म के संरक्षण और उत्थान के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए।सम्मेलन में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजन में प्लास्टिक और डिस्पोजल कप-प्लेट के स्थान पर मिट्टी के कुल्हड़ों और पत्तलों का प्रयोग किया गया।आयोजन समिति के संयोजक लामा नवांग उपासक ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, विभिन्न मठों से आए लामा गणों और सिला गोम्पा से पधारे बौद्ध भिक्षनियों को पवित्र ‘खतक’ भेंट कर सम्मानित किया। सिला गोम्पा की भिक्षनियों द्वारा ‘मोहलम’ (प्रार्थना) का पाठ किया गया, जबकि विभिन्न मठों के लामाओं ने ‘ड्रिंगशाग’ महायज्ञ संपन्न किया।मयाढ घाटी के आकाश लोनचेंपा और उनकी टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में केलांग खंड के सभी महिला मंडलों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम का भव्य समापन ‘रिदम ऑफ गरजा पीती’ के साथ हुआ। इस दौरान उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पारंपरिक सामूहिक नृत्य कर अपनी समृद्ध संस्कृति का परिचय दिया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह प्रचारक ओम प्रकाश,कर्नल अजात शत्रु,नरेंद्र कुमार,देव राज अतुल उपस्थित रहे ।
कुल्लू ब्यूरो रिपोर्ट… सुशांत शर्मा…

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