हिमाचल में मानसून की पहली दस्तक बनी आफत, बादल फटने से हाईवे बंद; औट में पत्थर गिरने से महिला की मौत

खबर अभी अभी
शिमला।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली ही दस्तक भारी पड़ने लगी है। लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। लाहौल-स्पीति के जिस्पा में बादल फटने से लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लैश फ्लड आ गया, जिससे हाईवे बंद हो गया और दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

वहीं, मंडी जिले के औट में शनि मंदिर के समीप पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से नालागढ़ निवासी एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

लगातार बारिश के कारण चंबा-तीसा मार्ग, धर्मपुर-जोगिंद्रनगर सड़क और शिमला के मेहली-शोघी मार्ग सहित कई सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से प्रभावित हुई हैं। प्रदेशभर में करीब 45 सड़कें बाधित होने की सूचना है, जिन्हें बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

लाहौल के जाहलमा नाले में फ्लैश फ्लड आने से ग्रामीणों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, कई किसानों की गोभी और मटर की फसलें भी बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गईं।

इस बीच मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

Share the news