जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक आयोजित, नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

खबर अभी-अभी | 19 अगस्त 2026 | कुल्लू

जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन (NCORD) समिति की बैठक कुल्लू में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशे की रोकथाम और अवैध भांग व अफीम की खेती के उन्मूलन के लिए प्रभावी बहु-विभागीय रणनीति तैयार करना रहा। एडीएम ने नशा विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए।

पंचायतों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर जोर

बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और उनकी अनुपालना की समीक्षा की गई। एडीएम ने कहा कि नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों को गति देने तथा युवाओं को खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभागों के बीच सूचना साझाकरण मजबूत करने और व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा हुई।

28 संवेदनशील पंचायतों में समितियों की बैठक अनिवार्य

नशे के प्रसार को रोकने के लिए जिले की 28 चिन्हित संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

पुलिस विभाग को प्रत्येक थाना क्षेत्र में नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित कर गश्त बढ़ाने और स्थानीय होटलों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशा विरोधी संदेशों के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।

एसएसबी और आईटीबीपी को भी जोड़ा जाएगा

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी बैठकों में एसएसबी और आईटीबीपी के कमांडिंग अधिकारियों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि नशे की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था में इन बलों का सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।

जिले में भांग और अफीम के पौधों को नष्ट करने के लिए रासायनिक ‘वीडिसाइड’ के पायलट स्तर पर इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

वन विभाग को अपने क्षेत्रों में भूमि के उपयोग पर निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग के पास लंबित भूमि सीमांकन के 23 आवेदनों का जल्द निपटारा करने को कहा गया।

14 वर्ष की आयु के बच्चों में नशे के चलन पर चिंता

बैठक में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में अल्कोहल, सिगरेट और तंबाकू के बढ़ते चलन पर गंभीर चिंता जताई गई। इसके मद्देनजर आबकारी और पुलिस विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट, फ्लेवर्ड टॉफी, चॉकलेट और हुक्का पार्लरों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

‘कोटपा’ अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अधिक से अधिक चालान सुनिश्चित करने को कहा गया।

एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने सभी संबंधित विभागों को जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम करने और जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक रोकथाम एवं जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

Share the news