
27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | नालागढ़/बद्दी

बेला मंदिर में एथनॉल कंपनी पर प्रदूषण के गंभीर आरोप, कंपनी प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
नालागढ़ क्षेत्र के बेला मंदिर गांव में एथनॉल बनाने वाली हाइजीना लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड को लेकर प्रदूषण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों ने कंपनी पर कथित तौर पर केमिकलयुक्त पानी, धुआं, दुर्गंध और अन्य प्रकार के प्रदूषण से परेशानी पैदा करने के आरोप लगाए हैं। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के बाद कथित तौर पर कंपनी की ओर से नदी-नालों में प्रदूषित पानी छोड़े जाने से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। लोगों के मुताबिक कंपनी से कथित रूप से निकलने वाले धुएं और दुर्गंध के कारण आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से रात के समय वातावरण में धुआं फैलने से सांस लेने में दिक्कत होने का भी दावा किया गया है।
मामले को लेकर एक पर्यावरण संस्था की ओर से मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी को शिकायत भेजी गई है। शिकायत में कंपनी से संबंधित कथित जल, वायु, ध्वनि और दुर्गंध प्रदूषण की निष्पक्ष जांच करवाने तथा आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें सामने आने के बावजूद कई बार प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और मामले जांच या औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रह जाते हैं।
इस मामले में एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मीडिया संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले पर उनका पक्ष जानने का प्रयास कर रहा है तो बद्दी से लेकर शिमला तक अधिकारियों से संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है। मीडिया की ओर से यह जानने का प्रयास किया गया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने क्या कार्रवाई की और क्या कंपनी के आसपास प्रदूषण की जांच करवाई गई है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।
वहीं, हाइजीना लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर प्रवीण यादव ने कंपनी पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जिस पानी को कंपनी से निकलने की बात कही जा रही है, वह पीछे स्थित नाले से आ रहा है। उनका दावा है कि कंपनी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित सभी निर्धारित मानकों और नियमों का पालन कर रही है।
प्रवीण यादव ने कहा कि कंपनी की ओर से न तो ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, न वायु प्रदूषण और न ही किसी प्रकार की दुर्गंध निकल रही है। कंपनी प्रबंधन ने प्रदूषण से जुड़े सभी आरोपों को निराधार बताया है।
अब इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं। यदि जांच में प्रदूषण संबंधी आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
अब देखना होगा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन शिकायत पर कब जांच शुरू करता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है।





