भरठीधार सड़क बाधित होने पर यात्रियों को राहत की पहल, परिवहन मंत्री को सौंपा पत्र

27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

विधानसभा सदन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हिमाचल प्रदेश के पात्र परिवारों को मिलने वाली आवास सहायता राशि बढ़ाने की मांग उठाई गई। विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, महंगाई और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सहायता राशि बढ़ाकर 3 लाख 63 हजार रुपये करने की मांग की।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल ईंट और सीमेंट से जुड़ी योजना नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूदा सहायता राशि से गरीब परिवार के लिए सुरक्षित और टिकाऊ मकान बनाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र की ओर से वर्तमान में करीब 1.30 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। प्रदेश सरकार की ओर से भी अतिरिक्त सहायता दी जाती है, लेकिन निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ती लागत के कारण यह राशि पर्याप्त नहीं है।

विधायक ने बताया कि वर्तमान में सीमेंट की कीमत करीब 380 से 450 रुपये प्रति बोरी, ईंटों की कीमत 7,000 से 9,000 रुपये प्रति हजार, सरिया/टीएमटी करीब 60,000 रुपये प्रति टन और मजदूरी 450 से 600 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण सामग्री को दूरदराज के गांवों और ऊंचाई वाले इलाकों तक पहुंचाने में परिवहन लागत भी काफी अधिक आती है।

उन्होंने कहा कि इन सभी खर्चों को जोड़ने पर वर्तमान आवास सहायता से गरीब परिवारों के लिए मकान पूरा करना मुश्किल हो रहा है। भूमिहीन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों के सामने यह समस्या और गंभीर है।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण लागत का आकलन निर्धारित मॉडल के आधार पर किया गया है, जबकि वर्तमान बाजार दरों में वास्तविक निर्माण खर्च काफी बढ़ चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार को हिमाचल की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से आग्रह किया कि विधानसभा में रखे गए संकल्प को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को प्रभावी प्रस्ताव भेजा जाए और हिमाचल के पात्र परिवारों के लिए आवास सहायता राशि बढ़ाने की पैरवी की जाए।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को केवल मकान स्वीकृत होने से लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उसे पूरा करने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता भी जरूरी है। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पात्र परिवार धन की कमी के कारण सुरक्षित और सम्मानजनक आवास से वंचित न रहे।

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