
29 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

नाचन विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद ने राष्ट्रीय गान के कथित अपमान को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने सरकार से आरोपों का प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि यदि भाजपा विधायकों द्वारा राष्ट्रीय गान का अपमान किए जाने की बात साबित होती है तो उनके खिलाफ एफआईआर समेत सरकार जो भी कार्रवाई करना चाहे, वह करे।
विनोद ने कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष वीडियो क्लिप उपलब्ध करवाने की मांग कर रहा है। वीडियो जारी होने के बाद भी उसमें ऐसा कुछ नजर नहीं आता, जिससे यह साबित हो कि भाजपा के किसी विधायक ने राष्ट्रीय गान का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल आरोपों का प्रमाण मांग रहा है और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रीय गान के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप
विधायक विनोद ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गान के मुद्दे को उठाकर प्रदेश की जनता का ध्यान विकास कार्यों और कांग्रेस की गारंटियों से जुड़े सवालों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चाहता रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है, लेकिन इस बार पहली बार उन्होंने सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों को नारे लगाते हुए विधानसभा परिसर में प्रवेश करते देखा।
“14 साल के विधानसभा अनुभव में ऐसा नहीं देखा”
विनोद ने कहा कि अपने करीब 14 वर्षों के विधानसभा अनुभव में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा कि सत्ता पक्ष की ओर से सदन चलाने के लिए प्रयास न किए गए हों। उन्होंने दावा किया कि जब भी सदन स्थगित हुआ, वह सत्ता पक्ष के कहने पर हुआ।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कभी सदन न चलने देने की बात नहीं कही। विपक्ष की मांग केवल इतनी रही कि राष्ट्रीय गान के अपमान के लगाए गए आरोपों का प्रमाण सामने रखा जाए।
विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से भी रोजाना सदन चलाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का आग्रह किया है। हालांकि, उनके अनुसार, उन्हें सत्ता पक्ष और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आई।
उन्होंने दोहराया कि यदि राष्ट्रीय गान के अपमान का आरोप प्रमाणित होता है तो संबंधित विधायकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।





