
10 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

कुल्लू में भाजपा की संगठनात्मक बैठक में जनहित के मुद्दों पर नियमित प्रदर्शन, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और डिजिटल प्रचार को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मद्देनजर जनता के बीच सक्रिय रहने और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक मंडल में हर महीने एक प्रदर्शन और संयुक्त मोर्चों के माध्यम से भी नियमित प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही गई। टूटी सड़कों, बंद स्कूलों, डॉक्टरों व दवाइयों की कमी तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रदर्शन का आधार बनाने पर जोर दिया गया। युवा, महिला, किसान, अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी मोर्चों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।
बूथ स्तर पर डिजिटल नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
आईटी और सोशल मीडिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक पोलिंग बूथ पर आईटी कार्यकर्ता सुनिश्चित करने तथा व्हाट्सऐप समूहों की सक्रियता जांचने को कहा गया। कार्यकर्ताओं से पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों की पोस्ट को साझा करने, उन पर प्रतिक्रिया देने और स्थानीय मुद्दों से जुड़े वीडियो व रील बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों के लिए मासिक कार्यक्रम भी तय किया गया। इसके तहत पहले सप्ताह में जिला, दूसरे सप्ताह में मंडल, तीसरे सप्ताह में ग्राम केंद्र और चौथे सप्ताह के अंतिम रविवार को बूथ स्तर की बैठक आयोजित करने पर जोर दिया गया।
जेपी नड्डा के कार्यक्रम के लिए उपस्थिति लक्ष्य तय
कुल्लू में भाजपा के राष्ट्रीय नेता जेपी नड्डा के कार्यक्रम के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी के लक्ष्य निर्धारित किए गए। कुल्लू विधानसभा के लिए 1,000, बंजार के लिए 500 और आनी के लिए 220 लोगों की उपस्थिति का लक्ष्य बताया गया। इन तीन क्षेत्रों का कुल लक्ष्य 1,720 रखा गया, जबकि मनाली का लक्ष्य अलग से निर्धारित किया जाना था।
सरकारी योजनाओं और स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति
बैठक में सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली बिल, स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं की कमी तथा महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार की योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को भी प्रचारित करने की बात कही।
इसके साथ ही कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने, महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता नहीं देने और सरकारी सेवाओं में कमी के आरोप लगाए गए। कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों को बूथ स्तर से घर-घर तक पहुंचाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय रखने का आह्वान किया गया।





