
17 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

शिमला के संजौली-भट्टाकुफर-ढली क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण के कारण आवासीय भवनों में आई दरारों के मामले में जिला प्रशासन ने निरीक्षण और निगरानी तेज कर दी है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की और टनल निर्माण की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी गठित की।
बैठक में बताया गया कि टनल की ब्लास्टिंग से आसपास के आवासीय भवनों में दरारें आने के कारण निर्माण कार्य बंद किया गया है। प्रभावित क्षेत्र और क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम नियुक्त की गई है। टीम क्षेत्र का एक बार दौरा कर चुकी है और अगले एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर टनल निर्माण को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
22 अक्टूबर को होगा निरीक्षण
बैठक में प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों ने फोरलेन कंपनी पर चोरी-छिपे टनल निर्माण कार्य करने का आरोप भी उठाया। इस पर उपायुक्त ने दोनों अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इसमें एसडीएम शिमला ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग के कसुम्पटी वृत्त के अधिशासी अभियंता और तहसीलदार शिमला ग्रामीण को सदस्य बनाया गया है।
कमेटी को 22 अक्टूबर को मौके का निरीक्षण कर टनल निर्माण कार्य की नवीनतम स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज और फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





