
21 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

सुशांत शर्मा, कुल्लू। देवभूमि कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का शुभारंभ आज भगवान रघुनाथ जी की भव्य रथयात्रा के साथ होगा। सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में 347 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। इनके आगमन से ढालपुर मैदान में देव संस्कृति, आस्था और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा के साथ उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों और देवताओं के जयघोष के बीच कुल्लू घाटी भक्तिमय माहौल में डूब जाएगी। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
पहली बार लेजर और ड्रोन शो होंगे आकर्षण
इस वर्ष कुल्लू दशहरा में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश किया गया है। उत्सव में पहली बार लेजर शो और ड्रोन शो आयोजित किए जाएंगे, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेंगे।
ग्लोबल डांस में दिखेगी अंतरराष्ट्रीय संस्कृति की झलक
ढालपुर में आयोजित होने वाले ग्लोबल डांस कार्यक्रम में देश-विदेश के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
सात दिनों तक सजेगा आस्था का महाकुंभ
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा अपनी विशिष्ट देव परंपराओं, पारंपरिक देव मिलन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में पहचान रखता है। सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कुल्लू की प्राचीन परंपराएं जीवंत होंगी।
भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा के साथ शुरू होने वाला यह महापर्व अगले सात दिनों तक कुल्लू को आस्था, उल्लास और संस्कृति के रंगों से सराबोर रखेगा।





