
28 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | मनाली

पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता गोविन्द सिंह ठाकुर ने दवा सप्लाई टेंडर और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के सेवा विस्तार से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप ने सरकार की कार्यप्रणाली और फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से जनहित से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। दवा सप्लाई के टेंडर में 500 करोड़ रुपये की शर्त को लेकर हाईकोर्ट द्वारा सरकार से जवाब मांगे जाने को उन्होंने गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने दवाओं की आपूर्ति बाधित न होने देने पर भी जोर दिया है।
पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि टेंडर में इतनी बड़ी वित्तीय शर्त रखने का आधार क्या था और इसका दवाओं की उपलब्धता तथा आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में समय पर दवाएं मिलना जरूरी है और इस व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
सेवा विस्तार के मामले पर भी उठाए सवाल
गोविन्द सिंह ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के सेवा विस्तार से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विभागों में पदोन्नति, सेवा विस्तार और प्रशासनिक नियुक्तियों से संबंधित फैसले निर्धारित नियमों के अनुरूप होने चाहिए। उनके अनुसार, इन दोनों मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में दवाओं की निर्बाध आपूर्ति जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी सरकारी विभागों में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखना भी है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार से पूछा कि जनहित से जुड़े मामलों में ऐसी परिस्थितियां क्यों पैदा हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार संबंधित मामलों के तथ्यों को सार्वजनिक करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसे फैसले पारदर्शी तरीके से तथा नियमों के अनुरूप लिए जाएं।





