
5 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

कुल्लू के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करने और आवंटित बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि बिना उपयोग के लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और संबंधित विभागों की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा करवाने को कहा।
पीएम आवास योजना के आंकड़ों की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 2012 लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इनमें से 1344 मकानों का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 668 मकान निर्माणाधीन हैं। उपायुक्त ने शेष मकानों का निर्माण जल्द पूरा करवाने और लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत 431 आवासों के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा।
पंचायतों को बजट और लंबित कार्यों पर निर्देश
उपायुक्त ने नवगठित पंचायतों की परिसंपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी करने को कहा। उन्होंने बताया कि सभी नवगठित पंचायतों में फर्नीचर खरीदने के लिए 50 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने ई-परिवार सत्यापन का लक्ष्य पूरा करने, 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों का पीएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण करवाने और समर्थ पोर्टल पर पंचायतों की आय ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। इस कार्य को सबसे पहले पूरा करने वाले विकास खंड को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों की आय-व्यय की समीक्षा करते हुए उन्होंने कम खर्च करने वाली पंचायतों को उपलब्ध धनराशि का समय पर उपयोग करने को कहा। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित जांच मामलों का निपटारा और रिकवरी की प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण रोजगार और महिला आजीविका पर जोर
बैठक में वीबी-जी राम जी योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक कार्य शुरू करने और किसी भी पंचायत में शून्य मस्टररोल की स्थिति न रहने देने को कहा। उन्होंने जियो-टैगिंग का कार्य भी निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियां बढ़ाने और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के साधन मजबूत करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने योजना के अंतर्गत 18.84 करोड़ रुपये का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने तथा कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड, वल्नरेबिलिटी रिडक्शन फंड और रिवॉल्विंग फंड से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के पंजीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा
बैठक में सामुदायिक कम्पोस्ट पिट, सोक पिट, सामुदायिक शौचालय, कचरा पृथक्करण शेड और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने वन संरक्षण अधिनियम से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी ली और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और विकास योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में एडीएम सुरजीत राठौर सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।





