
ऊना | 13 अगस्त 2026
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ऊना के राजकीय महाविद्यालय में फीस वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। संगठन ने फीस वृद्धि वापस लेने, छात्र सुविधाओं में सुधार और लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष सूरज शर्मा ने आरोप लगाया कि सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बढ़ाए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी फीस में बढ़ोतरी की है। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
वाई-फाई और बीसीए लैब का मुद्दा
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से हर वर्ष कैंपस में वाई-फाई सुविधा के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही। संगठन ने कॉलेज में निर्माणाधीन बीसीए लैब का काम जल्द पूरा कर इसे विद्यार्थियों के लिए शुरू करने की मांग भी की।
इसके अलावा एबीवीपी ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग दोहराई। संगठन का कहना है कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार हैं और लंबे समय से लगी रोक को तत्काल हटाया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने कहा कि इसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।
प्रिंसिपल ने कहा- बातचीत से निकलेगा समाधान
राजकीय महाविद्यालय ऊना की प्रिंसिपल डॉ. मीता शर्मा ने कहा कि भूख हड़ताल के लिए कॉलेज प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने कहा कि एबीवीपी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर बातचीत की जा सकती है और नियमानुसार समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
प्रिंसिपल ने फीस वृद्धि को मामूली बताते हुए कहा कि भूख हड़ताल और नारेबाजी के जरिए कॉलेज का माहौल खराब करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।





