कुल्लू कॉलेज में ABVP की तालाबंदी, फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन; मुख्यमंत्री के घेराव की चेतावनी

18 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
कुल्लू

कुल्लू महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने फीस बढ़ोतरी और छात्र संघ चुनाव बहाल न होने के विरोध में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग उठाई।

ABVP कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 9:30 बजे से कॉलेज गेट पर तालाबंदी शुरू की। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कॉलेज के मुख्य गेट पर मौजूद रहे, जिसके चलते छात्रों और प्राध्यापकों का प्रवेश भी प्रभावित हुआ।

फीस वृद्धि वापस नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

ABVP जिला कुल्लू अध्यक्ष ऋतिक कार्तिक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छात्रों के साथ छात्र संघ चुनाव बहाल करने का वादा किया था, लेकिन सरकार के चार वर्ष पूरे होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सरदार पटेल विश्वविद्यालय में करीब 25 से 30 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में 50 से 60 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी की गई है।

ABVP का कहना है कि फीस में इस तरह की बढ़ोतरी से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। संगठन ने सरकार से फीस वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की।

‘मांगें नहीं मानी तो होगा मुख्यमंत्री का घेराव’

ऋतिक कार्तिक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द गौर नहीं किया और फीस बढ़ोतरी वापस नहीं ली, तो ABVP आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी।

तहसीलदार ने की छात्रों से बातचीत

तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार कुल्लू भी मौके पर पहुंचे और ABVP कार्यकर्ताओं से बातचीत की। संगठन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार के समक्ष फीस बढ़ोतरी, छात्र संघ चुनाव और छात्रों की अन्य लंबित मांगों को रखा।

ABVP ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति पर आगे फैसला लिया जाएगा।

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