
24 अगस्त, 2026 | खबर अभी-अभी | घुमारवीं

विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों की कमी ग्रामीण विकास के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पंचायतों के नव नियुक्त प्रधानों की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानों ने कहा कि पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवकों की कमी के चलते विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। वहीं, मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ने से पंचायतों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
अंबेडकर भवन घुमारवीं में ग्राम पंचायत औहर के प्रधान देश राज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में पंचायतों की अहम भूमिका है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्य करवाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
देश राज शर्मा ने बताया कि विकास खंड घुमारवीं में कुल 63 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि वर्तमान में केवल 45 पंचायत सचिव कार्यरत हैं। ऐसे में कई पंचायत सचिवों को दो-दो पंचायतों का अतिरिक्त जिम्मा संभालना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सेवकों की भी भारी कमी है। पूरे विकास खंड में महज 11 तकनीकी सहायक और 11 ग्राम रोजगार सेवक कार्यरत हैं। ऐसे में एक-एक कर्मचारी को करीब पांच से छह पंचायतों का काम संभालना पड़ रहा है।
प्रधानों का कहना है कि एक साथ कई पंचायतों का कार्यभार होने से कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर मनरेगा कार्यों, विकास योजनाओं के तकनीकी अनुमोदन, पंचायतों के निर्माण कार्यों और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है। कई मामलों में ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है।
बैठक में नव नियुक्त प्रधानों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की कि घुमारवीं विकास खंड की सभी 63 पंचायतों की आवश्यकता के अनुसार पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएं। जिन पंचायतों में कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है, वहां अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई।
प्रधानों ने उपायुक्त बिलासपुर, जिला पंचायत अधिकारी, जिला लोकपाल, पंचायत राज मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध करवाए जाने से न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिल सकेगा।
इस अवसर रमेश कुमार, निक्कू राम, सदा राम, रेखा कुमारी, मोनिका देवी, ऊषा देवी, कांता देवी, बिमला देवी, पवन कुमार, राकेश कुमार, विनय कुमार और सुनील कुमार सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





