चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए थोक व्यापारियों की स्टॉक सीमा तय

27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

जिले में चीनी के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने चीनी के भंडारण एवं उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी शुरू कर दी है।

जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कुल्लू पवन कुमार ने बताया कि जिले में कार्यरत थोक व्यापारियों के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत जिले के सभी थोक व्यापारी कुल 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत थोक व्यापारियों के लिए खाद्य भंडार पोर्टल पर अपने-अपने चीनी भंडार का दैनिक स्टॉक नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। इससे बाजार में उपलब्ध चीनी के वास्तविक स्टॉक पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण की प्रभावी जांच हो सकेगी।

जिला नियंत्रक ने बताया कि ऐसे थोक उपभोक्ता, जिनकी चीनी की मासिक खपत 10 मीट्रिक टन से अधिक है, वे अधिकतम 15 दिन की औसत खपत से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेंगे।

विभागीय निरीक्षकों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान चीनी के उपलब्ध स्टॉक, निर्धारित भंडारण सीमा और पोर्टल पर दर्ज दैनिक स्टॉक विवरण की जांच की जाएगी।

पवन कुमार ने कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण करता हुआ या नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को उचित दरों पर चीनी उपलब्ध करवाना है। दैनिक स्टॉक विवरण अपडेट होने से बाजार में चीनी की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने में भी मदद मिलेगी।

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