
11/8/2026
कुल्लू
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टीबी मुक्त भारत की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रणजीत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी विभागों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण फ्लैगशिप कार्यक्रम है तथा टीबी मुक्त भारत संकल्प को पूरा करने के लिए सभी विभाग संयुक्त रूप से प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत संकल्प को पूरा करने के लिए जिला आयुर्वेद विभाग सहित अन्य सभी सम्बंधित विभाग संयुक्त रूप से प्रयास करें। उन्होंने जिला आयुर्वेद अधिकारी से भी आग्रह किया कि अपने पास आने वाले मरीजों की लक्षणों के आधार पर रेफरल की संख्या 5 प्रतिशत तक बढ़ाएं ताकि उनके रोग का निदान कर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को इलाज का लाभ मिल सके।
उन्होंने पंचायती राज विभाग को भी इस कार्यक्रम से अधिकाधिक पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों के माध्यम से जोड़ने का आग्रह किया ताकि पंचायतों को टीबी मुक्त करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकें। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर भी टीबी फोरम की बैठक नियमित तौर पर आयोजित करने कि बात कही जिसमे ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी टीबी रोगियों के उपचार के लिए सुचारू व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि टीबी रोगियों का उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि निक्षय पोषण योजना के तहत रोगी को पूरे उपचार के दौरान प्रतिमाह पांच सौ रुपये का पोषण सहायता प्रदान की जाती है।
टीबी मरीजों की जेब का खर्च कम करने के लिए उन्हें निःशुल्क सीटी स्कैन, एमआरआई की सुविधा दी जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुरेश ने टीबी मुक्त भारत तथा एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे ।







