
1 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला/नई दिल्ली

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा हिमाचल प्रदेश के हजारों कार्यकर्ताओं ने रविवार को नई दिल्ली में आयोजित INDIA ब्लॉक की महारैली में भाग लिया। रैली में माकपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई।
माकपा के राज्य सचिव संजय चौहान ने कहा कि रैली में देशभर से लाखों लोगों ने भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
एसआईआर रद्द करने और काटे गए वोट बहाल करने की मांग
संजय चौहान ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से देशभर में करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं, जिससे उनके मतदान के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को रद्द किया जाए और मतदाता सूचियों से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल कर उनके मतदान अधिकार बहाल किए जाएं।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग
माकपा राज्य सचिव ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून में संशोधन करने के साथ देश में व्यापक चुनाव सुधार लागू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेतृत्व में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संजय चौहान ने कहा कि दिल्ली की महारैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की एकजुटता को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई करने और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांगों को लेकर माकपा का आंदोलन जारी रहेगा।





