नेपाल आपदा पर CM सुक्खू ने जताई संवेदना, खराब सड़कों पर टोल वसूली को बताया अनुचित

27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार त्रासदी में करीब 133 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के कितने लोग शामिल हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि केंद्र सरकार से होना अभी बाकी है। घटना के प्रति एकजुटता और मृतकों के सम्मान में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर कहा कि राज्य सरकार लगातार सतर्क है और नियमित रूप से समीक्षा बैठकें कर रही है। अर्ली वार्निंग और अलर्ट सिस्टम को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है, ताकि भारी बारिश, बादल फटने और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों की जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाई जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।

उन्होंने हिमाचल और पूरे हिमालयी क्षेत्र में लगातार सामने आ रही प्राकृतिक आपदाओं का प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन को बताया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर पर्यावरणीय समस्या के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र के सहयोग से आईआईटी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।

लाहौल-स्पीति में ग्लेशियर पिघलने से बन रही नई झीलों पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्राकृतिक संरचनाएं भविष्य में जोखिम पैदा कर सकती हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई है। ग्लेशियरों के अध्ययन में जुटी वैज्ञानिक टीमों को केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे।

केंद्र सरकार से अपेक्षित करीब 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधिकारिक मंजूरी और धनराशि के हस्तांतरण का इंतजार कर रही है।

प्रदेश में शुरू की जा रही लॉटरी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉटरी भाग्य और किस्मत पर आधारित खेल है। टिकट खरीदना या न खरीदना पूरी तरह नागरिक की स्वेच्छा पर निर्भर है और किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस संबंध में दिए गए पत्र में उठाए गए सभी बिंदुओं का सरकार गहराई से अवलोकन करेगी।

मनाली से भाजपा विधायक भुवनेश्वर गौड़ की मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सड़कें खस्ताहाल हैं तो आम जनता से टोल टैक्स वसूलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के शीर्ष अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात करेंगे, ताकि सड़कों की मरम्मत होने तक जनता पर अनुचित वित्तीय बोझ न पड़े।

भोटा, ज्वालामुखी, नादौन, कौलवी और घुमारवीं के बीच 16 किलोमीटर के पैच को फोरलेन में बदलने के लिए केंद्र द्वारा भूमि अधिग्रहण का खर्च राज्य सरकार से मांगे जाने पर भी मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब राजमार्गों से टोल टैक्स की पूरी वसूली केंद्र या एनएचएआई करता है तो भूमि अधिग्रहण का वित्तीय भार सीमित संसाधनों वाले हिमाचल प्रदेश पर डालना न्यायसंगत नहीं है।

राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार की बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की सबसे बड़ी ताकत उसकी जल संपदा है। अपनी समयावधि पूरी कर चुकी जल विद्युत परियोजनाओं से राज्य सरकार केंद्र से 50 प्रतिशत रॉयल्टी की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र को कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। ऐसे में राज्य अपने वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए कठोर नीतिगत फैसले लेने को मजबूर होगा।

रक्षाबंधन के अवसर पर अवकाश की घोषणा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केवल महिलाओं को छुट्टी मिलने के कारण भाइयों को कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे बहनों को कई बार पूरे दिन इंतजार करना पड़ता था। इसी असुविधा को देखते हुए रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रदेश में अवकाश घोषित किया गया है।

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