बघाट संस्कृति और सभ्यता को बचाना समय की मांग : स्वास्थ्य मंत्री

15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

सोलन। राजा बघाट रियासत के अंतिम राजा स्वर्गीय दुर्गा सिंह की 129वीं जयंती के अवसर पर सोलन के बुरी में बघाट दिवस का आयोजन किया गया। वार्षिक सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

बघाट दिवस के दौरान बघाटी भाषा और संस्कृति को विशेष महत्व दिया गया। सम्मेलन में बघाटी बोली में विभिन्न कार्यक्रम और संवाद आयोजित किए गए, ताकि क्षेत्र की पारंपरिक भाषा, संस्कृति और सभ्यता को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान बघाटी बोली में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बघाट रियासत का इतिहास काफी पुराना है और बघाटी भाषा, संस्कृति एवं सभ्यता को संजोकर रखना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थानीय बोली और संस्कृति को जीवित रखने के लिए इस तरह के सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने के लिए बघाटी भाषा एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बघाटी संस्था के पदाधिकारियों को संस्था के लिए उपयुक्त जमीन तलाश करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बघाटी संस्था के नाम से एक हॉल का निर्माण किया जा सके, जिसमें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हों और भविष्य में सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।

बघाट दिवस के आयोजन में स्थानीय लोगों और बघाटी संस्कृति से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र की पारंपरिक भाषा, संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया गया।

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