
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू। मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुन्दर ठाकुर ने भुंतर और कुल्लू विकासखंडों के पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर संवाद किया।
बैठक में भुंतर और कुल्लू ब्लॉक के पंचायत प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, ग्राम रोजगार सेवकों तथा पंचायत सचिवों ने भाग लिया। इस दौरान पंचायत स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान, योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक सुन्दर ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सहायता प्रदान करना है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि पात्र लोगों तक योजना की जानकारी और इसका लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के पात्रता मानदंडों और लाभार्थी परिवारों की पहचान को लेकर भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि ऐसे परिवार पात्रता के दायरे में आ सकते हैं, जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से 75 हजार रुपये से कम हो।
इसके अलावा ऐसे परिवार भी योजना के दायरे में आ सकते हैं, जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चे सदस्य हों या जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध सदस्य हों तथा 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो।
महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार, जिनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाएं शामिल हों और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो, उन्हें भी पात्रता मानदंड में शामिल किया गया है। योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिन परिवारों के किसी वयस्क सदस्य ने वित्तीय वर्ष 2024-25 अथवा 2025-26 में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया हो, वे भी पात्रता के दायरे में आ सकते हैं।
गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों को भी योजना के मानदंडों में शामिल किया गया है। इनमें ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या किसी अन्य गंभीर बीमारी के कारण स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो गए हैं। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण स्थायी रूप से अशक्त या बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवार तथा भूमिहीन परिवार भी पात्रता सूची में शामिल हो सकते हैं।
विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रभावी समन्वय और जागरूकता जरूरी है।
बैठक में जिला परिषद बरशैणी प्रवीन ठाकुर, बीडीसी अध्यक्ष भुंतर राम प्रसाद, बीडीओ भुंतर गौरव धीमान, बीडीओ कुल्लू लक्ष्मीकांत सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सुशांत शर्मा, ब्यूरो कुल्लू





