
27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | लाहौल-स्पीति
शिखर से पैराग्लाइडिंग कर गिमनर सिंह ने रचा इतिहास
ग्रेटर हिमालय की जांस्कर पर्वतमाला में जिला लाहौल की 6048 मीटर ऊंची अज्ञात चोटी पर दस सदस्यीय पर्वतारोही दल ने सफलतापूर्वक चढ़ाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभियान के दौरान पर्वतारोहण अनुदेशक और पैराग्लाइडिंग पायलट गिमनर सिंह ने चोटी के शिखर से पैराग्लाइडिंग कर साहसिक क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की।
6048 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण के बाद उसके शिखर से पैराग्लाइडिंग करना गिमनर सिंह के अदम्य साहस, कौशल और साहसिक प्रतिभा को दर्शाता है। अभियान दल के अनुसार, किसी अज्ञात चोटी के शिखर से पैराग्लाइडिंग का यह पहला प्रयास है। दस सदस्यीय दल ने चोटी पर पहली बार तिरंगा भी फहराया।
यह पर्वतारोहण अभियान भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के प्रस्तावित अभियान के तहत आयोजित किया गया। गिमनर सिंह ने बताया कि पूरे अभियान को महज पांच दिनों में पूरा किया गया। अभियान 22 अगस्त से 26 अगस्त 2026 तक चला।
अभियान दल के नेता देशराज ने बताया कि वर्तमान में इस चोटी का कोई निर्धारित नाम नहीं है। अभियान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद जल्द ही चोटी के नामकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः किसी अज्ञात चोटी पर पहली बार सफल आरोहण करने वाले दल या व्यक्ति को उसके नामकरण का प्रस्ताव रखने का अवसर मिलता है।
अभियान में पायलट एवं अनुदेशक गिमनर सिंह, लक्ष्य दत्त, राम कुमार, अंकित सिंह, रणजीत ठाकुर, गौरव, सौरव, महिला प्रतिभागी केला देवी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
अभियान दल ने बताया कि जांस्कर पर्वतमाला में पर्वतारोहियों के लिए कई नई संभावनाएं मौजूद हैं। लाहौल क्षेत्र में 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली कई चोटियां ऐसी हैं, जिन पर अभी तक आरोहण नहीं हुआ है। भरतपुर आधार शिविर क्षेत्र से लगभग 6100 मीटर ऊंची ऊनम चोटी सहित कई अन्य पर्वतारोहण स्थल भी उपलब्ध हैं।
गिमनर सिंह ने कहा कि लाहौल में नई चोटियों और पर्यटन स्थलों की खोज से देशभर के पर्वतारोहियों तथा साहसिक पर्यटन में रुचि रखने वाले लोगों को हिमाचल की ओर आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले कई पर्वतारोही आरोहण के लिए लेह-लद्दाख का रुख करते थे, लेकिन लाहौल में उपलब्ध नई चोटियां उन्हें हिमाचल में ही पर्वतारोहण के बेहतर अवसर प्रदान कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नई चोटी पर आरोहण करना नहीं था, बल्कि युवाओं को साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण के प्रति प्रेरित एवं जागरूक करना भी था। साहसिक गतिविधियां युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अभियान दल ने उम्मीद जताई कि लाहौल की नई पर्वतारोहण संभावनाओं से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।






