शिमला में राशन डिपो के शेष लक्ष्य जल्द पूरे करें, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई: अनुपम कश्यप

28 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने के उद्देश्य से शिमला में जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभार्थियों को कवर करने, खाद्यान्न वितरण और उचित मूल्य की दुकानों की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए शेष लक्ष्यों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन नई पंचायतों में उचित मूल्य की दुकान नहीं है, वहां नियमानुसार डिपो खोलने की संभावनाओं पर काम किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सोसायटियों द्वारा उचित मूल्य की दुकानों को सबलेट किए जाने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित डिपो के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

शहरी क्षेत्रों में 54,356 लोगों को कवर करना बाकी

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, शिमला जिले के शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 62,445 लोगों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित है। इनमें से 8,089 लोगों को योजना के दायरे में लाया जा चुका है, जबकि 54,356 लोगों को कवर किया जाना शेष है।

नगर निगम शिमला में 53,230 के लक्ष्य के मुकाबले 6,267 लोगों को कवर किया गया है। बसंतपुर में 815 के लक्ष्य के मुकाबले 245, ठियोग में 1,350 के मुकाबले 439, चौपाल में 575 के मुकाबले 322, जुब्बल में 510 के मुकाबले 92, कोटखाई में 360 के मुकाबले 102, रोहड़ू में 2,130 के मुकाबले 220 और रामपुर में 3,195 के मुकाबले 402 लोगों को कवर किया गया है। नारकंडा में निर्धारित 280 लोगों के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक किसी लाभार्थी को कवर नहीं किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 1,13,009 लोगों को कवर करना शेष

ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत 3,74,345 लोगों को कवर करने का लक्ष्य है। इनमें से 2,61,336 लोगों को कवर किया जा चुका है, जबकि 1,13,009 लोगों को लाभ देना बाकी है।

विकास खंड मशोबरा में 57,625 के लक्ष्य के मुकाबले 29,584, बसंतपुर में 20,305 के मुकाबले 15,122 और ठियोग में 49,741 के मुकाबले 36,662 लोगों को कवर किया गया है। चौपाल में 63,407 के मुकाबले 50,082, जुब्बल में 45,021 के मुकाबले 17,182, रोहड़ू में 34,463 के मुकाबले 25,946 और चौहारा में 32,148 के मुकाबले 27,781 लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है।

इसी तरह रामपुर में 39,119 के लक्ष्य के मुकाबले 31,413, ननखेड़ी में 17,964 के मुकाबले 14,354 और नारकंडा में 14,552 के मुकाबले 13,210 लोगों को कवर किया गया है।

खाद्यान्न आवंटन और वितरण की समीक्षा

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न आवंटन और वितरण के आंकड़ों पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि में चावल का आवंटन 1,698 क्विंटल और वितरण 1,402 क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं, फोर्टिफाइड गेहूं के आटे का आवंटन 1,402 क्विंटल और वितरण 1,704 क्विंटल दर्ज किया गया।

समिति ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। इनमें 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करवाने वाली माताओं के लिए पोषण सहायता तथा छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए पोषण एवं भोजन संबंधी योजनाएं शामिल हैं।

जिले में नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के प्रस्ताव

बैठक में शिमला जिले के विभिन्न विकास खंडों और शहरी क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकानें खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इसका उद्देश्य लोगों को उनके नजदीक राशन उपलब्ध करवाना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना है।

प्रस्तावित स्थानों में जुब्बल विकास खंड के झगटान और भोलाड़, नारकंडा के खनेटी और बड़ागांव के सराहन, चिड़गांव के सारीबासा स्थित देवरीधार, बसंतपुर की नगर पंचायत सुन्नी, रामपुर के शाह और व्युथल, कोटखाई के झड़गा, ठियोग के धमाली, टूटू विकास खंड के ब्यारी, शिमला ग्रामीण के दुब्बल और घरोग तथा छोहारा के डोडरा क्षेत्र शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त शिमला शहर के कुफ्टाधार, लोअर खलीनी, टूटीकंडी (आईएसबीटी के समीप) और जतोग कैंट में भी उचित मूल्य की दुकान खोलने के प्रस्ताव का उल्लेख किया गया। चौपाल और नेरवा नगर पंचायतों के साथ गोरली पंचायत के मझगांव तथा रोहड़ू की शील पंचायत के शीलघाट में भी दुकानें खोलने के प्रस्ताव रखे गए हैं। रोहड़ू की पुजारली पंचायत के वार्ड नंबर 4 का स्थान भी प्रस्तावित सूची में शामिल है।

उपायुक्त ने पात्र परिवारों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने, वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और शेष लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।

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