
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

सोलन। मौसम की बेरुखी के चलते इस बार हिमाचल में सेब सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोलन और परवाणु की सेब मंडियों में पिछले वर्ष इसी समय तक करीब 24 लाख सेब बॉक्स पहुंच चुके थे, जबकि इस बार अब तक मात्र 8 लाख 20 हजार बॉक्स ही मंडियों तक पहुंच पाए हैं। सेब की आवक में भारी कमी के बावजूद बागवानों को मंडियों में अपेक्षाकृत अच्छे दाम मिल रहे हैं।
सोलन और परवाणु मंडियों में पहुंची कुल सेब खेप में से 5 लाख 60 हजार बॉक्स सोलन मंडी और 2 लाख 60 हजार बॉक्स परवाणु मंडी में पहुंचे हैं। मंडियों में हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से स्पर, गाला और गोल्डन सहित किन्नौर का सेब भी पहुंच रहा है।
मौसम की मार से उत्पादन प्रभावित
बागवानों के अनुसार, मौसम की बेरुखी और पिछले सर्दी के मौसम में पर्याप्त बर्फबारी न होने का असर सेब की फसल पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में फसल प्रभावित होने से बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा है। सेब की आवक में कमी का असर मंडियों की गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले वर्षों में सेब सीजन के दौरान सोलन और परवाणु मंडियों की ओर बड़ी संख्या में ट्राले और अन्य मालवाहक वाहन पहुंचते थे, लेकिन इस बार कम आवक के चलते वाहनों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है।
दक्षिण भारत तक पहुंच रहा हिमाचली सेब
हिमाचल का सेब देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ दक्षिण भारत तक पहुंच रहा है। प्रदेश के सेब की मांग बनी हुई है और आवक कम होने के कारण बागवानों को अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
मंडी समिति के सचिव राघव सूद ने बताया कि विंटर सीजन में मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण इस बार सेब की आवक कम रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल का सेब दक्षिण भारत सहित देश के अन्य हिस्सों में भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोलन और परवाणु मंडियों में अब तक कुल 8 लाख 20 हजार सेब बॉक्स पहुंच चुके हैं।





