
जिला सोलन पुलिस नशे के खात्मे के लिए अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस की रणनीति केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और अवैध संपत्तियों को जब्त करने पर भी केंद्रित है।
वर्ष 2026 में 21 अप्रैल तक मादक पदार्थ अधिनियम के तहत जिले में 49 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 107 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 82 आरोपी हिमाचल प्रदेश के जबकि 25 अन्य राज्यों से संबंधित हैं। जांच के दौरान सप्लाई चेन को तोड़ते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े 12 बड़े सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से “चिट्टा” जैसे घातक नशे की आपूर्ति पर बड़ी रोक लगी है।
वहीं, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सोलन पुलिस ने “रुस्तम योजना” शुरू की है। इसके तहत रुस्तम वॉलंटियर्स स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। स्किट और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक करीब 16,000 लोगों और विद्यार्थियों को जागरूक किया जा चुका है।
इसके अलावा, स्कूली स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा स्कूल गोद लेकर छात्रों से सीधा संवाद किया जा रहा है। उन्हें खेल, एनसीसी, एनएसएस और अन्य सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सोलन पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा, ताकि युवाओं को सुरक्षित भविष्य और समाज को नशामुक्त वातावरण मिल सके।





