आयुष मिशन में करोड़ों की राशि उपलब्ध, फिर भी कार्ययोजना में देरी पर सुरेश कश्यप ने उठाए सवाल

17 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

सोलन। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश में उपलब्ध धनराशि के उपयोग और कार्ययोजना प्रस्तुत करने में हुई देरी को लेकर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका समयबद्ध उपयोग नहीं होना गंभीर विषय है।

सुरेश कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दून विधानसभा क्षेत्र के बद्दी में आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लिया। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

इसके बाद राष्ट्रीय आयुष मिशन को लेकर सामने आई समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से संसाधन उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद राज्य सरकार कार्ययोजना समय पर तैयार करने और उपलब्ध राशि के उपयोग को सुनिश्चित करने में पीछे रही है।

तीन वर्षों में करोड़ों रुपये शेष रहने पर सवाल

सुरेश कश्यप ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन में हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र और राज्य के बीच वित्त पोषण का अनुपात 90:10 है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में स्वीकृत आवंटन 77.47 करोड़ रुपये था, जिसमें 39.59 करोड़ रुपये खर्च हुए और 21.27 करोड़ रुपये शेष रहे।

वित्त वर्ष 2023-24 में 73.18 करोड़ रुपये का स्वीकृत आवंटन रहा। इस दौरान 55.89 करोड़ रुपये खर्च हुए और वर्ष के अंत में 27.56 करोड़ रुपये शेष रहे।

कश्यप के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में भी 38.35 करोड़ रुपये शेष थे, जबकि उस वर्ष 21.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने सरकार से पूछा कि उपलब्ध संसाधनों का समयबद्ध उपयोग क्यों नहीं हो पाया।

कार्ययोजना में देरी पर भी उठाए सवाल

कश्यप ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राज्य की वार्षिक कार्ययोजना जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2024 निर्धारित थी, जबकि हिमाचल प्रदेश ने इसे 17 मई 2024 को प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय आयुष मिशन के केंद्रीय दस्तावेजों में भी हिमाचल प्रदेश की वार्षिक कार्ययोजना और व्यय की समीक्षा के दौरान 75 प्रतिशत व्यय, उपयोगिता प्रमाणपत्र तथा सिंगल नोडल एजेंसी के खाते में निर्धारित सीमा से कम राशि जैसी शर्तों के अनुपालन पर जोर दिया गया था।

कश्यप ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कार्ययोजना प्रस्तुत करने में देरी के कारण क्या रहे और इसका मिशन के क्रियान्वयन पर क्या प्रभाव पड़ा।

उपलब्ध धनराशि के उपयोग का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग

सुरेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन का उद्देश्य आयुष चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण है, इसलिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के उपयोग में देरी की समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने प्रदेश सरकार से पिछले तीन वित्त वर्षों की स्वीकृत धनराशि, वास्तविक व्यय, शेष राशि, कार्ययोजनाओं की स्थिति और लंबित परियोजनाओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

कश्यप ने यह भी पूछा कि वर्ष 2024-25 के अंत में शेष 38.35 करोड़ रुपये के उपयोग के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है और संबंधित परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा क्या निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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