
3/8/2026
ऊना
खबर अभी अभी
भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण की जगह राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति हावी हो चुकी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष की आवाज़ दबाने और भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का सुनियोजित अभियान चला रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास जनता को बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। चुनाव से पहले किए गए वादे अधूरे हैं, प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, बेरोजगारी बढ़ रही है और विकास कार्य ठप पड़े हैं। इन सभी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही बिना किसी समुचित पड़ताल के हजारों सरकारी संस्थानों को बंद कर दिया गया। सरकार ने नया निर्माण करने के बजाय केवल पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों को रोकने और समाप्त करने का काम किया। जो सरकार जनता के लिए कुछ नया नहीं कर सकती, वह केवल बदले की राजनीति कर रही है।
राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। जो भी व्यक्ति सरकार के भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाता है, उसके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल तथा वरिष्ठ भाजपा नेता सुखराम चौधरी तक पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए। यह दर्शाता है कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध को भी अपराध मानने लगी है।
उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा, होशियार सिंह, के.एल. ठाकुर, आशीष शर्मा, राजेंद्र राणा, चैतन्य शर्मा, रवि ठाकुर सहित अनेक नेताओं और उनके परिजनों को भी विभिन्न मामलों में घसीटने का प्रयास किया गया। जो भी कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों और कथित भ्रष्टाचार को उजागर करता है, उसे प्रशासनिक कार्रवाई और मुकदमों के माध्यम से डराने की कोशिश की जाती है। यह लोकतंत्र नहीं बल्कि सत्ता का दुरुपयोग है।
राकेश जमवाल ने कहा कि प्रदेश में विजिलेंस जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। निष्पक्ष जांच के बजाय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। ऐसा माहौल बनाया गया है कि किसी भी तरह भाजपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करो और सरकार की शाबाशी प्राप्त करो। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि निष्पक्ष संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी राजनीतिक स्वार्थों की भेंट चढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर परिषदों, नगर निगमों और जिला परिषदों में भी भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जहां कांग्रेस चुनाव हार गई, वहां प्रशासन के माध्यम से बदला लेने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों पर दबाव डालकर विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करवाई जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है जबकि सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के बजाय उसे उजागर करने वालों को निशाना बना रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय तक लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय जांच एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है। जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव, झूठे मुकदमों या प्रशासनिक उत्पीड़न से डरने वाली नहीं है। भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र और संविधान में विश्वास करती है तथा जनता की आवाज़ को बुलंद करती रहेगी। यदि कांग्रेस सरकार यह सोचती है कि वह झूठे मुकदमों और प्रतिशोध की राजनीति के माध्यम से भाजपा को दबा देगी, तो यह उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल होगी।
राकेश जमवाल ने कहा कि भाजपा सदन से लेकर सड़क तक जनता की लड़ाई लड़ती रहेगी। प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार की मंशा और कार्यशैली को पूरी तरह समझ चुकी है। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और आने वाले समय में जनता इस अहंकारी, जनविरोधी और प्रतिशोध की राजनीति करने वाली सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।





