कॉलेज विद्यार्थियों के बैंक खातों से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन, दो युवक जांच में शामिल

4 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

कुल्लू में कॉलेज विद्यार्थियों और स्थानीय युवाओं के बैंक खातों का कथित दुरुपयोग कर साइबर धोखाधड़ी की रकम का लेन-देन करने का मामला सामने आया है। पुलिस थाना सदर कुल्लू में 31 अक्टूबर, 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच में दो युवकों को शामिल कर उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए हैं।

पुलिस अधीक्षक कुल्लू के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ लोग युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए कर रहे थे। खातों में रकम जमा करवाने के बाद खाताधारकों से नकद निकासी करवाई जाती थी और यह राशि आगे अन्य लोगों को सौंप दी जाती थी।

जांच में कुछ लेन-देन का संबंध दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से भी पाया गया है। इसके चलते संबंधित बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज लगाया गया है। पुलिस ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म Lotus365 तथा टेलीग्राम के माध्यम से हुए लेन-देन के पहलुओं की भी जांच कर रही है।

दो युवकों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए

मामले में 20 वर्षीय दिल्ली निवासी युवक और 26 वर्षीय युवक, जो मूल रूप से बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली में रह रहा है, को जांच में शामिल किया गया है। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों को BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जुटाने और तकनीकी विश्लेषण के लिए दोनों युवकों के मोबाइल फोन भी नियमानुसार कब्जे में लिए हैं। इसके अलावा बैंक खातों की स्टेटमेंट, संदिग्ध लेन-देन और नकद निकासी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि रकम के लेन-देन की पूरी श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

कुल्लू पुलिस की विद्यार्थियों और युवाओं से अपील

कुल्लू पुलिस ने युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों से अपील की है कि कमीशन या किसी अन्य लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआई से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अपने बैंक खाते का इस्तेमाल भी किसी अन्य व्यक्ति को न करने दें।

पुलिस ने चेताया है कि यदि साइबर धोखाधड़ी की रकम किसी व्यक्ति के बैंक खाते में आती है या उसके खाते से आगे हस्तांतरित होती है, तो खाताधारक भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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