राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें अधिकारी : उपायुक्त

4 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिला के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को राजस्व सेवाएं उपलब्ध करवाने में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी और सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।

उपायुक्त बुधवार को बहुउद्देश्यीय भवन में राजस्व अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपमंडल और तहसील स्तर पर राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राजस्व मामलों का निपटारा ऑनलाइन आरएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाए, ताकि लोगों को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से राजस्व मामलों के ऑनलाइन निस्तारण का औसत समय तीन दिन है। उन्होंने इस अवधि को और कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा लोगों को ऑनलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

तकसीम, निशानदेही और इंतकाल के मामलों को प्राथमिकता

उपायुक्त ने तकसीम, निशानदेही और इंतकाल से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियां दुरुस्त करने से संबंधित लंबित मामलों को भी जल्द निपटाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर दो वर्ष से अधिक पुराना राजस्व मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी एसडीएम को आरएमएस पोर्टल की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।

खानगी तकसीम के मामलों के निपटारे को विशेष प्राथमिकता देते हुए उन्होंने घोषणा की कि जिस कानूनगो सर्किल में सबसे अधिक खानगी तकसीम के मामलों का निस्तारण होगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान को प्रोत्साहित करना है।

राहत पैकेज और स्वामित्व योजना की समीक्षा

बैठक में उपायुक्त ने विशेष राहत पैकेज के तहत पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के लिए पात्र प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली धनराशि और संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र लोगों तक राहत राशि पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण, डिजिटल मानचित्रण, संपत्तियों के सत्यापन और पात्र परिवारों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की स्थिति का भी जायजा लिया। साथ ही लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और संपत्ति अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अलावा जमाबंदी डिजिटाइजेशन, जीरो एंट्री इंतकाल और जमाबंदी तैयार करने की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने राजस्व मामलों में जारी रिकवरी नोटिस, सरकारी भूमि की लीज, अतिक्रमण से जुड़े मामलों और राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति की भी जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व मामलों की नियमित निगरानी करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा है, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

बैठक में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर, जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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