
30/06/2026
KHABAR ABHI ABHI
MANDI
टाऊन हॉल नगर निगम मण्डी में विश्व रेबीज दिवस का आयोजन किया गया जिसे डॉ अशोक चौहान मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं डॉ अरिंदम राय जिला निगरानी अधिकारी ने सम्बोधित किया
डॉ रा्य ने बताया कि रेबीज व वैक्सीन के जनक श्री लुईस पास्चर की याद में यह दिवस प्रत्येक वर्ष 28 सितम्बर को मनाया जाता है रेबीज की बीमारी संक्रमित कुत्ते, गीदड, नेवले , बंदर व चमगादड़ के काटने से फैलती है आदमी मे रेबीज के कारण होने वाली मृत्यु मे 99% योदगान कुत्तों के काटने से है उसमे भी 40% 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे होते हैं ।
संक्रमित जानवर के काटने के कुछ दिन बाद या महीनों में इसके लक्षण उभर सकते हैं जिसमे बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पानी से डर, मुह से लार आना, बेचैनी, आक्रामक व्यवहार, भ्रम, दौरे पड़ना, लकवा व अंत में कोमा प्रमुख है । रेबीज के
लक्ष्ण दिखाई दें तो इससे शत प्रतिशत मृत्यू तय है ।
इससे बचाव के लिए कुछ सावधानियां जैसे काटे गए स्थान को 15 मिनट तक तेज बहाव के पानी से साबुन के साथ धोना, साफ कपडे या पट्टी से रक्तस्राव रोकना, एंटीसेप्टिक का प्रयोग, टेटनस का टीका व रेबीज का वैक्सीन लगवाना प्रमुख है।
साथ ही इलाज मे देसी नुस्खों जैसे हल्दी, गुड, मिर्च, सरसों का तेल, गोबर तथा टांके लगाने से बचें साथ ही अपने पालतू पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं








