
5 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

हिमाचल प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाने के लिए प्रदेशभर में 60 दिवसीय ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 4.0’ चलाया जाएगा। अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने, अवैध बिक्री पर कार्रवाई करने और गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित करने पर विशेष जोर रहेगा।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने वीरवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के 60 दिनों के लिए गतिविधियों का रोस्टर तैयार किया जाए और प्रतिदिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने व्यापार मंडलों को भी अभियान से जोड़ने तथा बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित करने की बात कही।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 28 अक्तूबर, 2026 को शुरू किए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य बच्चों, किशोरों और युवाओं को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाना, तम्बाकू सेवन की शुरुआत रोकना और इसकी लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को सहायता उपलब्ध करवाना है। इसे नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों से भी जोड़ा जाएगा।
जनभागीदारी से बनेगा तम्बाकू मुक्त हिमाचल
उपायुक्त ने कहा कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास, युवा सेवाएं एवं खेल, पर्यटन, परिवहन सहित सभी संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त कर गतिविधियों की निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू पर लगेगी रोक
सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान (ToFEI) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। संस्थानों के परिसरों में तम्बाकू उत्पादों के सेवन और बिक्री पर रोक के साथ बाहरी सीमा से 100 गज के दायरे में भी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए निबंध, भाषण, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के अलावा जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी।
अवैध बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
अभियान के दौरान तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य, जिला और खंड स्तर पर गठित फ्लाइंग स्क्वॉड नियमित निरीक्षण करेंगे। अभियान अवधि में प्रत्येक स्तर पर कम से कम 10 प्रवर्तन अभियान चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश तम्बाकू विक्रेता लाइसेंसिंग अधिनियम, 2016, सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 तथा PECA, 2019 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। खुले में सिगरेट और बीड़ी की बिक्री, अवैध सिगरेट, हुक्का बार और तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन पर कार्रवाई होगी। गुटखा, खैनी तथा प्रतिबंधित तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त खाद्य उत्पादों की बिक्री पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
ग्राम सभाओं के माध्यम से चलेंगी जागरूकता गतिविधियां
ग्रामीण क्षेत्रों में तम्बाकू मुक्त गांव पहल को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम सभाओं की बैठकों में तम्बाकू नियंत्रण को एजेंडे में शामिल किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, युवक मंडलों और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा जाएगा।
इसके तहत नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य वार्ताएं, प्रभात फेरियां, जनसभाएं, माइकिंग और दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। पंचायतों में प्रस्ताव पारित कर गांवों को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की दिशा में भी काम होगा।
सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थल भी होंगे तम्बाकू मुक्त
सभी सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और कार्यस्थलों को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाया जाएगा। कार्यालयों में सूचना पट्ट लगाने और प्रवेश द्वार पर तम्बाकू उत्पादों के निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ भी दिलाई जाएगी।
बस अड्डों, बस स्टॉप, पर्यटन स्थलों, होटलों, रेस्तरां और खेल परिसरों में भी धूम्रपान निषेध नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
युवाओं और सामाजिक संगठनों की होगी भागीदारी
अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंडलों, खेल संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को शामिल किया जाएगा। मैराथन, साइक्लोथॉन, जागरूकता रैलियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को तम्बाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों और दूरदराज के गांवों तक भी अभियान की गतिविधियां पहुंचाई जाएंगी।
तम्बाकू छोड़ने वालों को मिलेगी सहायता
तम्बाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य विभाग के तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 भी जारी किया गया है।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करने, नियमित निरीक्षण करने और दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित और ऑनलाइन जुड़े अधिकारियों को तम्बाकू से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।
अभियान 3.0 में हिमाचल को मिला बेहतर प्रदर्शन का सम्मान
बैठक में बताया गया कि तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 में हिमाचल प्रदेश ने 96 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए और बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा। इस उपलब्धि के लिए प्रदेश को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट के खिताब से जल्द सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को अभियान 4.0 में इससे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम) डॉ. राखी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





