चिट्टा तस्करी के दो मामलों में बैकवर्ड लिंकेज से चंडीगढ़ पहुंची शिमला पुलिस, तीन मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

5 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में दोनों मामलों के तार पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े पाए गए। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य नशे के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों तक सीमित न रहकर सप्लाई नेटवर्क के मुख्य लोगों तक पहुंचना है।

ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज पहले मामले में 11 अक्तूबर, 2026 को शोघी चौकी के पास नाकाबंदी के दौरान एक बस की तलाशी ली गई थी। इस दौरान भुवनेश चौहान (21), निवासी शोघी और गुलशन ठाकुर (21), निवासी बानकुफर, कोटखाई के कब्जे से करीब 22 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने पूछताछ के साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि दोनों आरोपी चंडीगढ़ से साजन और विकास नामक व्यक्तियों से चिट्टा खरीदते थे। पुलिस के अनुसार विकास उर्फ आकाश मुख्य सप्लायर था, जबकि साजन उर्फ सैम बैंक खाते के माध्यम से लेन-देन और सप्लाई नेटवर्क के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।

इसके बाद पुलिस थाना बालूगंज की विशेष टीम ने चंडीगढ़ में कार्रवाई करते हुए 27 अक्तूबर को साजन उर्फ सैम (24) और विकास उर्फ आकाश (25), दोनों निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब को गिरफ्तार किया। इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

दूसरे मामले में 27 सितंबर, 2026 को शोघी चौकी के पास बस की चेकिंग के दौरान क्षितिज वर्मा (26), निवासी कुल्लू के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि वह चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से नशा खरीदकर लाया था। इसके बाद पुलिस थाना पश्चिम की टीम ने 4 अक्तूबर को मनीमाजरा से रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। वह भी न्यायिक हिरासत में है।

ASP सिटी मेहर पंवर ने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज जांच के जरिए सप्लाई के स्रोत और मुख्य तस्करों तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे, जबकि वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के साथ 4 नेटवर्क पर कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

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