
6/8/2026
पधर/मंडी
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मंडी जिले के द्रंग क्षेत्र में निर्माणाधीन नारला-बिजणी सुपर हाईवे के निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। हाईवे निर्माण के दौरान सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से खतरे की जद में आए ग्राम मसेरण (तहसील पधर) निवासी देवेंद्र सिंह और मुरारी लाल के मकानों में गहरी दरारें आ गईं, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन घर खाली करवा दिए। गुरुवार को बेघर हुए दोनों परिवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और निर्माण कंपनी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग
ग्रामीणों और प्रभावितों ने गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि कंपनी की लापरवाही के कारण ही उनके नए बने मकान तबाह हुए हैं। पीड़ित परिवार अब किराये के कमरों में रहने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावितों को तुरंत उचित मुआवजा देने, स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर सुनीं समस्याएं
हंगामे की सूचना मिलते ही द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों व ग्रामीणों से बातचीत कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों और निर्माण कंपनी को जल्द से जल्द मसले का समाधान निकालकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की हिदायत दी।
4 अगस्त को जारी हुआ था घर खाली करने का नोटिस
उल्लेखनीय है कि सुपर हाईवे की ढलान धंसने से उत्पन्न खतरे को देखते हुए 4 अगस्त 2026 को ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवार वृत्त पाली) द्वारा दोनों परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने का नोटिस जारी किया गया था।
मामले पर एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्माण कंपनी और संबंधित विभागों को तुरंत आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा नियमानुसार अगली कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।





