बिलासपुर पुलिस का चिट्टा तस्करी नेटवर्क पर प्रहार, मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

8 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | बिलासपुर

बिलासपुर पुलिस ने चिट्टा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Backward Linkage Investigation के माध्यम से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली पुत्र कर्म सिंह, निवासी मौड़ा, डाकघर मिस्सेवाल, तहसील आनंदपुर साहिब, जिला रोपड़, पंजाब, उम्र करीब 38 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 21 अगस्त 2026 को शुरू हुए मामले की जांच के दौरान सामने आए डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर की गई।

14.50 ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच

21 अगस्त 2026 को बिलासपुर जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम फोरलेन पर गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल नंबर HP29A-9612 को चेकिंग के लिए रोका गया।

मोटरसाइकिल पर सवार अमन पुत्र चन्द्र मणी और अरुण पुत्र मित्र देव, दोनों की उम्र करीब 27 वर्ष, के कब्जे से पुलिस ने 14.50 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की।

इस संबंध में थाना सदर बिलासपुर में FIR संख्या 206/2026, दिनांक 21 अगस्त 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।

डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों से मुख्य सप्लायर तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने Backward Linkage Investigation के माध्यम से नशीले पदार्थ की सप्लाई के स्रोत और मुख्य सप्लायर का पता लगाने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक जांच में प्राप्त डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली की संलिप्तता सामने आई।

इसके बाद पुलिस टीम ने रोपड़ में दबिश देकर 8 सितंबर 2026 को आरोपी मल्ली को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टा बेचने एवं सप्लाई करने में सक्रिय रूप से संलिप्त था। मामले में आरोपी से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा नशीले पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए आगामी जांच जारी है।

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं कई मामले

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में Arms Act, हत्या, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में निम्न मामले दर्ज रहे हैं—

FIR No. 95, दिनांक 16-08-2012, धारा 341, 323, 324, 506, 148, 149 IPC, थाना कीरतपुर साहिब, पंजाब।
FIR No. 66, दिनांक 07-06-2012, धारा 307, 323, 427, 506, 379, 148, 149 IPC एवं 302, 379 IPC, थाना कीरतपुर साहिब, पंजाब।
FIR No. 227, दिनांक 17-10-2012, धारा 323, 427, 506, 147, 148 IPC, थाना नालागढ़, हिमाचल प्रदेश।
FIR No. 15, दिनांक 15-02-2013, धारा 323, 324, 148, 149 IPC, थाना आनंदपुर साहिब, पंजाब।
FIR No. 42, दिनांक 02-04-2013, धारा 147, 148, 149, 325, 425, 397, 506 IPC, थाना कोट कहलूर, हिमाचल प्रदेश।
FIR No. 36, दिनांक 15-07-2014, धारा 341, 323, 427, 34 IPC, थाना स्वारघाट, हिमाचल प्रदेश।
FIR No. 109/14, दिनांक 02-09-2014, धारा 307, 341, 148, 149, 353, 332, 506, 325 IPC एवं 25-54-59 Arms Act, थाना कोट कहलूर, हिमाचल प्रदेश।
FIR No. 22, दिनांक 19-02-2017, धारा 399, 402 IPC एवं 25-54-59 Arms Act, थाना कीरतपुर साहिब, पंजाब।
FIR No. 262, दिनांक 26-08-2020, धारा 451, 323, 341, 506, 34 IPC, थाना नालागढ़, हिमाचल प्रदेश।
FIR No. 160/24, दिनांक 20-06-2024, धारा 307, 120-B IPC एवं 25 Arms Act, थाना सदर बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर जोर

बिलासपुर पुलिस के अनुसार नशा तस्करी के मामलों में Forward और Backward Linkage Investigation को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जाने वाले व्यक्तियों तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय सप्लाई के मुख्य स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में भी जांच आगे जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा नशीले पदार्थ की सप्लाई के स्रोत के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

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