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हिमकारा स्टोर हिमाचल प्रदेश के कारागार और सुधार सेवा विभाग द्वारा संचालित एक अनूठी पहल है, जहाँ राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद बेचे जाते हैं。 इन उत्पादों की बिक्री का मुख्य उद्देश्य कैदियों में कौशल विकास और उनके पुनर्वास को बढ़ावा देना है. ऐसा ही एक स्टोर आज शिमला स्थित महालेखाकार कार्यालय गार्डन कैसल में भी खोला गया है . जहां प्रदेश की विभिन्न जिलों के कैदियों के उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं. इस स्टोर का शुभारंभ आज कारागार व सुधार सेवाएं महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने किया .
विओ- शुभारंभ अवसर पर जानकारी देते हुए अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि सजायाफ्ता कैदियों के जैल मेँ रहने के दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार के हुनर और कौशल की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे ना सिर्फ जेल में रहते हुए ब्लकि अपनी सजा के पूरा होने के बाद समाज में भी दोबारा पुनर्स्थापित हो सके। इसके लिए प्रदेश की विभिन्न जिलों में लगभग 30% से अधिक कैदियों द्वारा अलग-अलग उत्पाद बनाए जाते हैं जिनमें हतकरघा हैंडलूम लकड़ी का फर्निचर बेकरी और बुनाई जैसे उत्पाद शामिल है। उन्होंने बताया कि हिमकारा के माध्यम से इन कैदियों के समान की बिक्री के लिए मंच प्रदान करने की कोशिश की जाती है, जिससे जेल में रहते हुए भी यह कैदी ना सिर्फ अपने हुनर कों सीखते और उससे कमाई कर पाते हैं ब्लकि अपने घर परिवार की भी अर्थिक मदद कर पाते हैं. उन्होंने बताया कि महालेखाकार कार्यालय में खोली गई हिमकारा की दुकान से ना सिर्फ कार्यालय के कर्मी ब्लकि स्थानीय लोग और पर्यटक भी इन उत्पादों की खरीद कर सकते हैं.





