नाटक के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश, जरी और कसोल में चला विशेष अभियान

6/8/2026
कुल्लू
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नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला कल्याण विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे विशेष जनजागरूकता अभियान के दूसरे दिन जरी और कसोल में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

मन्नत कला मंच कुल्लू के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। मंच के कलाकार खूबराम, अशोक, मानचंद, चम्पा और आलिशा ने कुल्लवी नाटियों की आकर्षक प्रस्तुति दी। वहीं नवनीत भारद्वाज, इंदु, गोपाल, अमित और हीरा सहित अन्य कलाकारों ने “नशे से मुक्ति” शीर्षक नाटक का मंचन कर नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

नाटक के माध्यम से कलाकारों ने लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों पर गहरा असर डालती है।

कार्यक्रम में कसोल पंचायत के प्रधान टेहल सिंह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिमला देवी, जरी पंचायत की प्रधान लवलीन, उपप्रधान रॉनिक ठाकुर, वार्ड पंच मनोज, यज्ञ देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि आज तंबाकू, शराब, चरस, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी जैसे पारंपरिक नशों के साथ-साथ हेरोइन और चिट्टा जैसे मादक पदार्थों की ओर भी युवाओं का रुझान बढ़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि तंबाकू के धुएं में हजारों हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जिनमें निकोटिन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड प्रमुख हैं। इनके सेवन से मुंह, फेफड़ों और आंत के कैंसर सहित हृदय एवं श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोग जिला अस्पतालों में संचालित नशा निवारण केंद्रों की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही समाज के सभी वर्गों से नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया।

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