युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनना चाहिए: बाहरा विश्वविद्यालय में 200 प्रतिभागियों ने सीखे उद्यमिता के गुर

5 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | सोलन

युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बाहरा विश्वविद्यालय, वाकनाघाट में एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ), सोलन की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 विद्यार्थियों और उद्यमियों ने भाग लिया। सेमिनार में 11 संस्थानों के विशेषज्ञों और दो सफल उद्यमियों ने कारोबार शुरू करने, वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं और निर्यात से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

बाहरा विश्वविद्यालय के चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बहरा ने कहा कि युवाओं को नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उद्यमिता के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रिश पाल नैंटा ने कहा कि उद्यमिता युवाओं के लिए एक बेहतर करियर विकल्प बनकर उभर रही है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, कौशल और नए विचारों का उपयोग कर व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, कुलसचिव एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी विनीत कुमार ने कहा कि उद्यमिता युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-डीएफओ सोलन की सहायक निदेशक ग्रेड-II एवं कार्यक्रम समन्वयक गोकुल देवी ई के स्वागत संबोधन से हुआ। कार्यालय प्रमुख ए.के. गौतम ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक छात्र कल्याण अनुराग अवस्थी और मीडिया एवं संचार प्रमुख गौरव बाली भी उपस्थित रहे। अनुराग अवस्थी ने विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया।

बैंकों और सरकारी संस्थानों के विशेषज्ञों ने दी जानकारी

सेमिनार में सिडबी के सहायक महाप्रबंधक गोपी नम्मी, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रबंधक राहुल जोशी और पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक महेश सिंह ने उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और वित्तीय सहायता से संबंधित जानकारी दी।

भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (FIEO) के उप निदेशक विनय शर्मा ने निर्यात और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अमित कश्यप ने गुणवत्ता मानकों, ईपीएफओ के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अनिल चौहान ने कर्मचारी भविष्य निधि तथा सीजीएसटी के अपर आयुक्त सिद्धार्थ जायसवाल ने जीएसटी और कर अनुपालन की जानकारी दी।

इसके अलावा जेम के प्रशिक्षक रवि वर्मा ने सरकारी खरीद प्रक्रिया, एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र बद्दी के उप महाप्रबंधक सुखमन सिंह ने तकनीकी सहयोग और जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक विनय वर्मा ने उद्योग स्थापना एवं सरकारी योजनाओं के बारे में बताया।

सफल उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में मिंचीज (Minchy’s) के संस्थापक एवं सीईओ गिरीश मिनोचा और ग्लाइड इन (Glide Inn) के अरुण रावत ने अपने उद्यमिता के सफर और कारोबार शुरू करने के दौरान आई चुनौतियों के अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ व्यवसाय शुरू करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित करवाना और उन्हें स्वरोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम का समापन एमएसएमई-डीएफओ सोलन के सहायक निदेशक ग्रेड-I अभिषेक कुमार राय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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