स्थानीय उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने पर जोर, आनी में उद्यमिता कार्यशाला आयोजित

22 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | आनी, कुल्लू

आनी। उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से विकास खंड आनी में ‘बाजार सफलता एवं स्थिरता तथा उद्यमिता प्रशिक्षण’ विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्थानीय उत्पादों को बाजार में सफलतापूर्वक स्थापित करने, कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने तथा उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक अवसरों और तकनीकों की जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी चंद्र मोहन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, राजकीय डिग्री कॉलेज आनी की सहायक प्राध्यापिका डॉ. राधिका नेगी ने मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षण सत्र संचालित किया।

डॉ. राधिका नेगी ने प्रतिभागियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ग्राहक जुड़ाव, बाजार की मांग को समझने और उद्यमिता के आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर पैकेजिंग और निरंतरता पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बाजार में पहचान दिलाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि बदलते बाजार के अनुरूप उत्पादों में आवश्यक सुधार, प्रभावी ब्रांडिंग और ग्राहकों की पसंद को समझना किसी भी छोटे उद्यम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने उद्यमिता और बाजार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा अपने अनुभव भी साझा किए।

उद्योग विभाग की ओर से बताया गया कि RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत भविष्य में भी इस तरह की जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों एवं व्यवसाय को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना है।

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